aaj phir ghar yaad men uski sajaaya | आज फिर घर याद में उसकी सजाया

  - Lalit Mohan Joshi
आजफिरघरयादमेंउसकीसजाया
मैंनेदिलफिरअपनाकुछऐसेदुखाया
ज़िंदगीकोछोड़करजबसेगयाहै
अबयहाँलगताहैहरकोईपराया
हमनेख़ुदसभीज़ियादाउसकोचाहा
फेरकरउसनेनज़रहमकोरुलाया
मुझकोझूठाउसनेऐसेकैसेबोला
यारउसनेदिनभीकैसायेदिखाया
उसकेमुश्किलरास्तोंमेंसाथमैंथा
परमुझेहीरस्तेकाकाँटाबताया
जबउठीउसकीजोडोलीसामनेसे
जश्नलोगोंनेयक़ीननफिरमनाया
वोख़ुशीसेग़ैरबाहोंमेंचलीहै
इसतरहमेरेलबोंकोहैसुखाया
अबअकेलेयारतन्हाचलताहूँमैं
जबसेअपनारंगयेउसनेदिखाया
  - Lalit Mohan Joshi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy