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Kumar Aryan
chand sikko ke li.e ham kya bataayen
chand sikko ke li.e ham kya bataayen | चंद सिक्कों के लिए हम क्या बताएँ
- Kumar Aryan
चंद
सिक्कों
के
लिए
हम
क्या
बताएँ
आजकल
ईमान
बेचा
जा
रहा
है
- Kumar Aryan
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यही
है
ज़िंदगी
कुछ
ख़्वाब
चंद
उम्मीदें
इन्हीं
खिलौनों
से
तुम
भी
बहल
सको
तो
चलो
Nida Fazli
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उसने
खिड़की
से
चाँद
देखा
था
मैंने
खिड़की
में
चाँद
देखा
है
Zubair Ali Tabish
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सूरज
सितारे
चाँद
मेरे
साथ
में
रहे
जब
तक
तुम्हारे
हाथ
मेरे
हाथ
में
रहे
Rahat Indori
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मुंतज़िर
हूँ
कि
सितारों
की
ज़रा
आँख
लगे
चाँद
को
छत
पे
बुला
लूँगा
इशारा
कर
के
Rahat Indori
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चाँद
का
फिर
मेरा
रस्ता
देखती
आँखें
तुम्हारी
आज
करवाचौथ
के
दिन
काश
हम
तुम
साथ
होते
Gaurav Singh
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अगर
हुकूमत
तुम्हारी
तस्वीर
छाप
दे
नोट
पर
मेरी
दोस्त
तो
देखना
तुम
कि
लोग
बिल्कुल
फिजूलखर्ची
नहीं
करेंगे
हमारे
चंद
अच्छे
दोस्तों
ने
ये
वा'दा
ख़ुद
से
किया
हुआ
है
कि
शक्ल
अल्लाह
ने
अच्छी
दी
है
सो
बातें
अच्छी
नहीं
करेंगे
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Rehman Faris
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छत
पे
सिगरेट
ले
के
बैठा
है
चाँद
भी
बेक़रार
है
शायद
Satya Prakash Soni
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चेहरा
धुँदला
सा
था
और
सुनहरे
झुमके
थे
बादल
ने
कानों
में
चाँद
के
टुकड़े
पहने
थे
इक
दूजे
को
खोने
से
हम
इतना
डरते
थे
ग़ुस्सा
भी
होते
तो
बातें
करते
रहते
थे
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Vikram Gaur Vairagi
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कोई
चेहरा
किसी
को
उम्र
भर
अच्छा
नहीं
लगता
हसीं
है
चाँद
भी,
शब
भर
मगर
अच्छा
नहीं
लगता
Munawwar Rana
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इश्क़
के
इज़हार
में
हर-चंद
रुस्वाई
तो
है
पर
करूँँ
क्या
अब
तबीअत
आप
पर
आई
तो
है
Akbar Allahabadi
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राम
ने
मस्जिद
कोई
तोड़ी
नहीं
पीर
ने
मन्दिर
कोई
ढ़ाया
नहीं
Kumar Aryan
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टूटकर
मैं
किसी
को
चाहूँगा
और
फिर
टूटकर
मर
जाऊँगा
Kumar Aryan
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मुहब्बत
का
यूँँ
ही
जादू
चलाते
चला
जाएगा
वो
हँसते-हँसाते
तुम्हारे
कितने
हैं
एहसान
हम
पर
कभी
तो
हम
तुम्हारे
काम
आते
अगर
तुम
मिल
गए
होते
क़सम
से
सितारों
की
तरह
हम
जगमगाते
यहाँ
अब
अपने
भी
हैं
ग़ैर
जैसे
बताओ
दर्द
हम
किसको
सुनाते
हमें
लूटा
है
दस्त-ए-वक़्त
ने
यूँँ
बचा
ही
क्या
है
जो
अब
हम
गँवाते
अता
की
है
मुक़द्दर
ने
फ़क़ीरी
कहाँ
से
हम
भला
दौलत
लुटाते
बड़े
बेटे
थे
अपने
घर
के
साहब
चलाते
घर
के
हम
दिल
को
लगाते
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Kumar Aryan
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बात
बिल्कुल
साफ़
है
सच
लिखो
या
मत
लिखो
Kumar Aryan
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हबीब
साथ
दे
मेरा
या
मेरा
साथ
छोड़
दे
भरोसा
है
तो
साथ
चल
वगरना
हाथ
छोड़
दे
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Kumar Aryan
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