रोकतामैंरहगयावोदूरजाताहीरहा
आँधीसेदिलकेदिएकोमैंजलाताहीरहा
सोचताथावोमुझेआकरबचालेगामगर
डूबकरमैंमरगयावोआज़माताहीरहा
तोड़करख़ुदकोसमुंदरकेहवालेकरदियासतुमैंउसकेसमुंदरपरबनाताहीरहा
थापतामुझकोयहाँपरडूबनाहीहैमुझे
नावकाग़ज़कीसमुंदरसेभिड़ाताहीरहा
जलगईरस्सीमगरयेहौसलाटूटानहीं
डोरकोतलवारसेफिरभीलड़ाताहीरहा
जानताथामैंज़मींपरआगिरूँगाएकदिन
भेदनेकोआसमाँतितलीउड़ाताहीरहा