kehna hai itnaa aapse bas ye mujhe | कहना है इतना आपसे बस ये मुझे

  - Divya 'Kumar Sahab'
कहनाहैइतनाआपसेबसयेमुझे
गरदिलमेंरखनाहोतभीरखिएमुझे
कितनेबहानेगोदसेसिरनेकिए
अच्छेनहींलगतेयहाँतकिएमुझे
वोग़ैरथेजोदेगएमाचिसयहाँ
परआगमेंलेकरगएअपनेमुझे
येचाँदसूरजदिखरहेहोंगेमगर
लगतेरहेलटकेहुएझुमकेमुझे
गरमिलगईपतवारतोफिरठीकहै
वरनालगेंगेचारबसकंधेमुझे
हरज़िंदगीजोचाहिएथीसाथमें
परख़्वाबमेंमिलतेरहेलम्हेमुझे
जबराहतकतेआँखमेरीलगगई
फिरसेजगानेगएसपनेमुझे
इसहौसलेसेकाटडालूँगाइन्हें
येपंखउड़नेहीनहींदेतेमुझे
जिनकोसँभालाहाथनेवोबुझगए
परयेहवादेतीनहींबुझनेमुझे
जोजानथेवोबसमुझेसुनतेरहे
अनजानजितनेथेवहीसमझेमुझे
  - Divya 'Kumar Sahab'
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