aankhoñ se aañsu chal nikle | आँखों से आँसू चल निकले

  - Divya 'Kumar Sahab'
आँखोंसेआँसूचलनिकले
पन्नोंपरफिरकाजलबिखरे
सारेकेसारेज्ञानीथे
बसहमहीथेपागलनिकले
चंदाउतरीग़ैरोंकीछत
छतपरमेरेबादलनिकले
बसबुझकरहीबैठेथेहम
चलतेहीफिरसेजलनिकले
येसाँसेंतोमालासीहैं
सुमरनतेराहर-पलनिकले
अपनीनज़रेंहमपरतोकर
आतपमेंतबआँचलनिकले
जोराहेंथींयेफूलोंसी
वाँपरसारेदलदलनिकले
तूइतनाभीबेबसमतकर
इसदिलसेफिरहलचलनिकले
इकमैंहूँजोआलसमेंहूँ
सपनेसारेचंचलनिकले
  - Divya 'Kumar Sahab'
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