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Kohar
dil ke qareebi kho kaii
dil ke qareebi kho kaii | दिल के क़रीबी खो कई
- Kohar
दिल
के
क़रीबी
खो
कई
है
हर
तरफ़
ढूँढे
नज़र
- Kohar
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कहानी
भी
नहीं
है
दिल
में
कोई
सो
कुछ
भी
इन
दिनों
अच्छा
नहीं
है
मैं
अब
उकता
गया
हूँ
ज़िन्दगी
से
मेरा
जी
अब
कहीं
लगता
नहीं
है
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Ritesh Rajwada
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आज
है
उनको
आना,
मज़ा
आएगा
फिर
जलेगा
ज़माना,
मज़ा
आएगा
तीर
उनकी
नज़र
के
चलेंगे
कई
दिल
बनेगा
निशाना
मज़ा
आएगा
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Bhaskar Shukla
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उम्र
गुज़री
दवाएँ
करते
'मीर'
दर्द-ए-दिल
का
हुआ
न
चारा
हनूज़
Meer Taqi Meer
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देखिए
होगा
श्री-कृष्ण
का
दर्शन
क्यूँँ-कर
सीना-ए-तंग
में
दिल
गोपियों
का
है
बेकल
Mohsin Kakorvi
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जब
ज़रा
रात
हुई
और
मह
ओ
अंजुम
आए
बार-हा
दिल
ने
ये
महसूस
किया
तुम
आए
Asad Bhopali
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रातें
किसी
याद
में
कटती
हैं
और
दिन
दफ़्तर
खा
जाता
है
दिल
जीने
पर
माएल
होता
है
तो
मौत
का
डर
खा
जाता
है
सच
पूछो
तो
'तहज़ीब
हाफ़ी'
मैं
ऐसे
दोस्त
से
आज़िज़
हूँ
मिलता
है
तो
बात
नहीं
करता
और
फोन
पे
सर
खा
जाता
है
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Tehzeeb Hafi
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किस
तरह
'अमानत'
न
रहूँ
ग़म
से
मैं
दिल-गीर
आँखों
में
फिरा
करती
है
उस्ताद
की
सूरत
Amanat Lakhnavi
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बन
कर
कसक
चुभती
रही
दिल
में
मिरे
इक
आह
थी
ऐ
हम–नफ़स
मेरे
मुझे
तुझ
सेे
वफ़ा
की
चाह
थी
Dhiraj Singh 'Tahammul'
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जैसे
तू
हुक्म
करे
दिल
मिरा
वैसे
धड़के
ये
घड़ी
तेरे
इशारों
से
मिला
रक्खी
है
Anwar Masood
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मैं
जब
सो
जाऊँ
इन
आँखों
पे
अपने
होंट
रख
देना
यक़ीं
आ
जाएगा
पलकों
तले
भी
दिल
धड़कता
है
Bashir Badr
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कुछ
इस
तरह
मुझ
से
गुजर
छू
कर
मुझे
ना
हो
ख़बर
कोई
सीधे
दिल
पर
लगे
कुछ
बात
कह
कर
फिर
मुकर
जब
से
गया
है
छोड़
कर
ग़म
से
रहा
हूँ
तर
बतर
दिल
के
करीबी
खो
कई
है
हर
तरफ़
ढूँढे
नजर
गिनती
की
हर
सांस
पर
अब
हो
रही
है
रहगुज़र
"कोहर"
सभी
रास्ते
अलग
हर
इक
करे
अपना
सफ़र
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Kohar
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ग़ैर
से
उम्मीद
ही
क्या
कर
मुहब्बत
भी
ख़ुदी
से
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हाँ
सहम
जाता
था
मैं,
उसे
दिल
की
बाते
बताते
हुए
Kohar
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मैं
सब
से
हंस
के
बाते
करता
हूँ
मैं
अब
भी
उस
से
बाते
करता
हूँ
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तुम
ही
लौटा
दो
जैसे
थे
वैसे
सब
के
अपने
वे
प्यारे
अच्छे
दिन
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