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Kohar
kuchh is tarah mujh se guzar
kuchh is tarah mujh se guzar | कुछ इस तरह मुझ से गुजर
- Kohar
कुछ
इस
तरह
मुझ
से
गुजर
छू
कर
मुझे
ना
हो
ख़बर
कोई
सीधे
दिल
पर
लगे
कुछ
बात
कह
कर
फिर
मुकर
जब
से
गया
है
छोड़
कर
ग़म
से
रहा
हूँ
तर
बतर
दिल
के
करीबी
खो
कई
है
हर
तरफ़
ढूँढे
नजर
गिनती
की
हर
सांस
पर
अब
हो
रही
है
रहगुज़र
"कोहर"
सभी
रास्ते
अलग
हर
इक
करे
अपना
सफ़र
- Kohar
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हम
भी
तुमको
धोखा
दें
ये
ठीक
नहीं
आँख
के
बदले
आँख
कहाँ
तक
जायज़
है
Gaurav Singh
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तुम
मेरी
तरफ़
देखना
छोड़ो
तो
बताऊँ
हर
शख़्स
तुम्हारी
ही
तरफ़
देख
रहा
है
Waseem Barelvi
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आँख
भर
आई
किसी
से
जो
मुलाक़ात
हुई
ख़ुश्क
मौसम
था
मगर
टूट
के
बरसात
हुई
Manzar Bhopali
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पुतलियाँ
तक
भी
तो
फिर
जाती
हैं
देखो
दम-ए-नज़अ
वक़्त
पड़ता
है
तो
सब
आँख
चुरा
जाते
हैं
Ameer Minai
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ये
इम्तियाज़
ज़रूरी
है
अब
इबादत
में
वही
दु'आ
जो
नज़र
कर
रही
है
लब
भी
करें
Abhishek shukla
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वक़्त,
वफ़ा,
हक़,
आँसू,
शिकवे
जाने
क्या
क्या
माँग
रहे
थे
एक
सहूलत
के
रिश्ते
से
हम
ही
ज़्यादा
माँग
रहे
थे
उसकी
आँखें
उसकी
बातें
उसके
लब
वो
चेहरा
उसका
हम
उसकी
हर
एक
अदास
अपना
हिस्सा
माँग
रहे
थे
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Shikha Pachouly
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सुब्ह-ए-मग़रूर
को
वो
शाम
भी
कर
देता
है
शोहरतें
छीन
के
गुमनाम
भी
कर
देता
है
वक़्त
से
आँख
मिलाने
की
हिमाकत
न
करो
वक़्त
इंसान
को
नीलाम
भी
कर
देता
है
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Nadeem Farrukh
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शाम
थी
हिज्र
की
हाल
मत
पूछना
आँख
थकने
लगे
तो
जिगर
रो
पड़े
Piyush Mishra 'Aab'
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देर
तक
आँख
मुसीबत
में
पड़ी
रहती
है
तुम
चले
जाते
हो,
तस्वीर
बनी
रहती
है
Fauziya Rabab
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जिस
पर
हमारी
आँख
ने
मोती
बिछाए
रात
भर
भेजा
वही
काग़ज़
उसे
हम
ने
लिखा
कुछ
भी
नहीं
Bashir Badr
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जीते
कब
तक
रहे
किसी
और
के
उम्मीदों
के
सहारे
अच्छे
दिन
Kohar
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इस-क़दर
मुझ
से
लिपटती
है
तन्हाई
के
मुहब्बत
हो
गई
हो
इस
को
मुझ
से
Kohar
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ज़िंदगी
जिए
जाने
में
'अज़ाब
हैं
कितने
और
मौत
आने
का
यार
ख़ौफ़
है
कितना
Kohar
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गई
जो
जान
तब
अब
के
नहीं
जानी
हसीं
वो
रात
बीती
फिर
नहीं
आनी
जताते
प्यार
कितना
और
कब
तक
यूँं
गया
थक
मैं
मनाते
तू
कहा
मानी
कहा
सुनता
किसी
की
तू
कभी
इक
भी
वही
तो
तू
करे
करने
की
जो
ठानी
रहें
लड़ते
हुए
सोचा
कभी
ना
ये
बनी
है
बीच
जो
दीवार
है
ढानी
उदासी
है
चले
जाने
से
तेरे
जो
की
लगता
है
ख़ुशी
तो
अब
नहीं
आनी
बहे
ग़म
जा
रहें
आँखों
सहारे
थे
कभी
जो
अश्क
थे
अब
है
महज
पानी
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Kohar
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सारे
जवाब
तेरे
ख़मोशी
ने
दे
दिए
अब
तुझ
सेे
क्या
सवाल
करूँँ
ये
सवाल
है
Kohar
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