hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Rohan Hamirpuriya
tere kahe men aa gaya
tere kahe men aa gaya | तेरे कहे में आ गया
- Rohan Hamirpuriya
तेरे
कहे
में
आ
गया
धोखा
मिला
और
खा
गया
अरसे
से
तेरे
साथ
हूँ
क्यूँँ
मुझ
सेे
तू
घबरा
गया
कुछ
ख़त
पुराने
गिर
पड़े
मैं
दफ़अतन
शर्मा
गया
मैं
पूछता
कुछ
और
था
वो
बात
और
करता
गया
सच
बोलने
के
वास्ते
मैं
भीड़
से
कटता
गया
सब
ख़त्म
होना
था
जहाँ
मैं
क्यूँँ
वहीं
तक
आ
गया
जो
मुझ
से
बच
के
चलता
था
इक
रोज़
ख़ुद
टकरा
गया
जो
लौट
कर
आया
नहीं
वो
ख़्वाब
बन
कर
आ
गया
तन्हा
तू
है
तन्हा
मैं
हूँ
हो
कर
जुदा
क्या
पा
गया
- Rohan Hamirpuriya
Download Ghazal Image
तूने
मुझ
सेे
वफ़ा
का
कहा
था
मुझको
अंजाम
इस
का
पता
था
रास्ते
में
खड़ा
सोचता
हूँ
ऐसे
रस्तों
पे
चलना
मना
था
उसके
घर
जाते
थे
दोस्त
बनकर
और
मुहब्बत
का
सबको
पता
था
दरिया
सूखा
पड़ा
है
वो
जिस
सेे
आख़िरी
बार
पानी
भरा
था
तेरे
ऐब-ओ-हुनर
किसने
देखे
तेरी
दुनिया
में
मैं
ही
बुरा
था
Read Full
Rohan Hamirpuriya
Download Image
0 Likes
गिला
ये
कि
अब
महज़
सदमात
बाक़ी
रही
है
यही
अब
तो
सौग़ात
बाक़ी
कई
मर्तबा
बोल
दी
बात
दिल
की
बताने
को
फिर
इक
मगर
बात
बाक़ी
सवेरे
मुलाक़ात
की
राह
देखूँ
बढ़े
बेक़रारी
मगर
रात
बाक़ी
न
मंज़िल
नज़र
में
न
रुकने
की
चाहत
मिरी
जान
लंबा
अभी
साथ
बाक़ी
वफ़ा
का
छिड़ा
ज़िक्र
तो
कह
चले
यूँँ
कि
मसलन
अभी
इश्क़
की
मात
बाक़ी
Read Full
Rohan Hamirpuriya
Download Image
1 Like
इस
क़दर
रंग
तेरा
चढ़ा
था
ईद
पर
खेली
थी
होली
मैंने
Rohan Hamirpuriya
Send
Download Image
1 Like
रहा
देखता
हाथ
मलते
हुए
हुआ
आशियाँ
ख़ाक
जलते
हुए
नई
है
मुहब्बत
नया
है
जुनूँ
है
उसको
झिझक
साथ
चलते
हुए
मुझे
उस
से
उम्मीद
थी
तो
मगर
उसे
मैंने
देखा
बदलते
हुए
ज़ियादा
नहीं
तीरगी
का
सफ़र
सिखाया
ये
सूरज
ने
ढलते
हुए
जुदाई
नहीं
देगी
जीने
मुझे
वो
देखे
मिरा
दम
निकलते
हुए
Read Full
Rohan Hamirpuriya
Download Image
1 Like
भूला
नहीं
हूँ
माज़ी
का
अफ़साना
गुज़रा
कल
ही
है
फ़िलहाल
मेरा
Rohan Hamirpuriya
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Khushi Shayari
Promise Shayari
Depression Shayari
Shikwa Shayari
Kitab Shayari