gilaa ye ki ab mahz sadmaat baaki | गिला ये कि अब महज़ सदमात बाक़ी

  - Rohan Hamirpuriya
गिलायेकिअबमहज़सदमातबाक़ी
रहीहैयहीअबतोसौग़ातबाक़ी
कईमर्तबाबोलदीबातदिलकी
बतानेकोफिरइकमगरबातबाक़ी
सवेरेमुलाक़ातकीराहदेखूँ
बढ़ेबेक़रारीमगररातबाक़ी
मंज़िलनज़रमेंरुकनेकीचाहत
मिरीजानलंबाअभीसाथबाक़ी
वफ़ाकाछिड़ाज़िक्रतोकहचलेयूँँ
किमसलनअभीइश्क़कीमातबाक़ी
  - Rohan Hamirpuriya
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