tumhaari yaad tumhaare khyaal ka mausam | तुम्हारी याद तुम्हारे ख़याल का मौसम

  - Khalid Azad
तुम्हारीयादतुम्हारेख़यालकामौसम
हमारेदिलमेंहैउतराकमालकामौसम
फ़लककेचाँदकाभीरंगफीकापड़जाए
अयाँजोहोकभीतेरेजमालकामौसम
तोअबकीइश्क़मेंतासीरबढ़नेवालीहै
हुआहैख़त्मजोयेख़द-वो-ख़ालकामौसम
बिछड़तेवक़्तजोमैंनेसबबनहींपूछा
तमामउम्ररहाफिरमलालकामौसम
कभीमैंभूलकेख़ुदपेग़ुरूरकरबैठा
शुरूतभीसेहैमेरेज़वालकामौसम
  - Khalid Azad
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