rafta rafta dil patthar ho jaata hai | रफ़्ता रफ़्ता दिल पत्थर हो जाता है

  - Khalid Azad
रफ़्तारफ़्तादिलपत्थरहोजाताहै
आँखोंमेंसैलाबनहींफिरआताहै
जिनकीसारीउम्रकटीहोरस्तेमें
वोमंज़िलपेआतेहीमरजाताहै
शायदपहलेपीरीउनपेआतीहै
जिनकोबसऔलादोंकाग़मखाताहै
कुछरिश्तोंमेंदूरीरखनीपड़तीहै
तबजाकरवोरिश्ताभीनिभपाताहै
सारेमंज़रमुझकोफीकेलगतेहैं
आँखोंकोबसतेराचेहराभाताहै
  - Khalid Azad
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