logon ne bas chehra chehra dekha hai | लोगों ने बस चेहरा चेहरा देखा है

  - Khalid Azad
लोगोंनेबसचेहराचेहरादेखाहै
किसनेमुझकोअंदरमरतादेखाहै
कितनीउम्मीदोंकाबोझवोसहपाता
शायदउसनेडरसेपंखादेखाहै
जोलोगोंकेघरमेंआगलगाताहै
मैनेउसकाघरभीजलतादेखाहै
कलबाज़ारमेंएकदिवानाचीख़उठा
मैंनेक़ैसकोख़ुदमेंज़िंदादेखाहै
शायदतुमकोऔरकिसीकाहोनाहै
मैंनेकलइकख़्वाबअधूरादेखाहै
वक़्तकीफितरतकरवटलेनाहैअक्सर
शाहोंकेहाथोंमेंकासादेखाहै
सबनेराहेंपकड़ीअपनीमंज़िलकी
मैंनेतोबसतेरारस्तादेखाहै
  - Khalid Azad
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