इकइश्क़जिस
मेंहिज्रकीसंभावनानहो
यानीवोपेड़ढूँढ़नाजिस
मेंतनानहो
कितनाउदासहोकेरखीशर्तहिज्रकी
इकदूसरेसेफिरकभीभीसामनानहो
अक्सरइसीख़यालनेसोनेनहींदिया
हमदेखजोरहेहैंकहींकल्पनानहो
शायदहमारेजख़्मसेवोभीहोमुब्तिला
याफिरहमाराजख़्मउसेदेखनानहो
शायदइसीलिएहमेंप्यासारखागया
शायदहमारेतौरकादरियाबनानहो
बेशककिसीभीफूलकोतोड़ेनहींकोई
लेकिनकिसीभीफूलकोछूनामनानहो
इकदिनहमारीलाशकहींपरपड़ीमिले
इकदिनयूँँहममरेंकिसीकोसूचनानहो