hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Kartik tripathi
vaaste tere hi main kar raha yahaañ sab kuchh
vaaste tere hi main kar raha yahaañ sab kuchh | वास्ते तेरे ही मैं कर रहा यहाँ सब कुछ
- Kartik tripathi
वास्ते
तेरे
ही
मैं
कर
रहा
यहाँ
सब
कुछ
बैर
फिर
यूँँ
कुछ
तुझ
सेे
बात
भी
नहीं
करनी
- Kartik tripathi
Download Sher Image
रिश्तों
की
दलदल
से
कैसे
निकलेंगे
हर
साज़िश
के
पीछे
अपने
निकलेंगे
Shakeel Jamali
Send
Download Image
50 Likes
हमें
पढ़ाओ
न
रिश्तों
की
कोई
और
किताब
पढ़ी
है
बाप
के
चेहरे
की
झुर्रियाँ
हम
ने
Meraj Faizabadi
Send
Download Image
46 Likes
कैसे
कहें
कि
तुझ
को
भी
हम
से
है
वास्ता
कोई
तू
ने
तो
हम
से
आज
तक
कोई
गिला
नहीं
किया
Jaun Elia
Send
Download Image
63 Likes
कुछ
ख़ास
तो
बदला
नहीं
जाने
से
तुम्हारे
बस
राब्ता
कम
हो
गया
फूलों
की
दुकाँ
से
Ashu Mishra
Send
Download Image
48 Likes
टूटते
रिश्तों
से
बढ़कर
रंज
था
इस
बात
का
दरमियाँ
कुछ
दोस्त
थे,
और
दोस्त
भी
ऐसे,
के
बस
Renu Nayyar
Send
Download Image
36 Likes
मिला
है
दुख
सदा
मुझको
मेरा
दुख
से
ये
नाता
है
मिरे
ख़ुद
घाव
में
मरहम
लगा
कर
दुख
सुलाता
है
Tiwari Jitendra
Send
Download Image
5 Likes
मेरी
जवानी
को
कमज़ोर
क्यूँ
समझते
हो
तुम्हारे
वास्ते
अब
भी
शबाब
बाक़ी
है
ये
और
बात
है
बोतल
ये
गिर
के
टूट
गई
मगर
अभी
भी
ज़रा
सी
शराब
बाक़ी
है
Read Full
Paplu Lucknawi
Send
Download Image
42 Likes
इतना
धीरे-धीरे
रिश्ता
ख़त्म
हुआ
बहुत
दिनों
तक
लगा
नहीं
हम
बिछड़े
हैं
Ajmal Siddiqui
Send
Download Image
49 Likes
अंदर
की
दुनिया
से
रब्त
बढ़ाओ
'आनिस'
बाहर
खुलने
वाली
खिड़की
बंद
पड़ी
है
Aanis Moin
Send
Download Image
26 Likes
कितनी
मुश्किल
के
बाद
टूटा
है
एक
रिश्ता
कभी
जो
था
ही
नहीं
Shahbaz Rizvi
Send
Download Image
44 Likes
Read More
क़ातिल-ए-अमद
को
क्यूँँ
दोष
दे
रहे
हो
तुम
मेरे
यार
उसकी
तो
शौक-ए-क़त्ल
आदत
है
Kartik tripathi
Send
Download Image
2 Likes
उसको
किसी
और
से
शिकायत
हो
तो
शिकवा
भी
करे
बंदा
परेशाँ
जो
अगर
ख़ुद
से
हो
तो
क्या
ही
करे
Kartik tripathi
Send
Download Image
7 Likes
हमें
ता-उम्र
न
आया
या-इलाही
फ़न
मुहब्बत
का
किसी
को
ख़ूब
रोए
और
किसी
को
फिर
रुलाया
ख़ूब
Kartik tripathi
Send
Download Image
5 Likes
इशारा
है
ख़ुदा
का
एक
दूजे
के
लिए
हैं
हम
दुपट्टा
तेरा
यूँँ
नईं
फँस
रहा
मेरी
घड़ी
में
जान
Kartik tripathi
Send
Download Image
2 Likes
मैं
समझता
था
सरल
है
ज़िन्दगी
बस
फ़िल्म
जितनी
डर
गया
मैं
ज़िन्दगी
की
फिर
हक़ीक़त
को
समझ
कर
ऐंठ
से
आया
था
बाज़ार-ए-मुहब्बत
में
कभी
जो
रह
गया
वो
लड़का
जानाँ
ज़ुल्फ़
में
तेरी
उलझ
कर
Read Full
Kartik tripathi
Send
Download Image
6 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Wahshat Shayari
Ghamand Shayari
Nazara Shayari
Romance Shayari
Adaa Shayari