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Kartik tripathi
dard kya hai mujhko tumse main kah nahin paaya
dard kya hai mujhko tumse main kah nahin paaya | दर्द क्या है मुझको तुम सेे मैं कह नहीं पाया
- Kartik tripathi
दर्द
क्या
है
मुझको
तुम
सेे
मैं
कह
नहीं
पाया
हाथ
थाम
कर
तुमने
भी
कभी
नहीं
पूछा
- Kartik tripathi
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दीदा
ओ
दिल
ने
दर्द
की
अपने
बात
भी
की
तो
किस
से
की
वो
तो
दर्द
का
बानी
ठहरा
वो
क्या
दर्द
बटाएगा
Ibn E Insha
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न
आया
ग़म
भी
मोहब्बत
में
साज़गार
मुझे
वो
ख़ुद
तड़प
गए
देखा
जो
बे-क़रार
मुझे
Asad Bhopali
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हम
ऐसे
लोग
भी
जाने
कहाँ
से
आते
हैं
ख़ुशी
में
रोते
हैं
जो
ग़म
में
मुस्कुराते
हैं
हमारा
साथ
भला
कब
तलक
निभाते
आप
कभी
कभी
तो
हमीं
ख़ुद
से
ऊब
जाते
हैं
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Mohit Dixit
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पास
जब
तक
वो
रहे
दर्द
थमा
रहता
है
फैलता
जाता
है
फिर
आँख
के
काजल
की
तरह
Parveen Shakir
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ज़ख़्म
है
दर्द
है
दवा
भी
है
जैसे
जंगल
है
रास्ता
भी
है
यूँँ
तो
वादे
हज़ार
करता
है
और
वो
शख़्स
भूलता
भी
है
हम
को
हर
सू
नज़र
भी
रखनी
है
और
तेरे
पास
बैठना
भी
है
यूँँ
भी
आता
नहीं
मुझे
रोना
और
मातम
की
इब्तिदा
भी
है
चूमने
हैं
पसंद
के
बादल
शाम
होते
ही
लौटना
भी
है
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Karan Sahar
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मैं
शा'इर
हूँ
मोहब्बत
का
मिरे
दुख
भी
रसीले
हैं
Farhat Abbas Shah
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कुल
जोड़
घटाकर
जो
ये
संसार
का
दुख
है
उतना
तो
मिरे
इक
दिल-ए-बेज़ार
का
दुख
है
शाइर
हैं
तो
दुनिया
से
अलग
थोड़ी
हैं
लोगों
सबकी
ही
तरह
हमपे
भी
घर
बार
का
दुख
है
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Ashutosh Vdyarthi
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दर्द
सहने
का
अलग
अंदाज़
है
जी
रहे
हैं
हम
अदा
की
ज़िंदगी
Farhat Abbas Shah
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वफ़ा
तुम
से
करेंगे
दुख
सहेंगे
नाज़
उठाएँगे
जिसे
आता
है
दिल
देना
उसे
हर
काम
आता
है
Arzoo Lakhnavi
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यतीमों
की
तरह
बस
पाल
रक्खा
है
इन्हें
हमने
हमें
जो
दुख
मिले
हैं
वो
हमारे
दुख
नहीं
लगते
किसी
की
आँख
में
रहकर
किसी
के
ख़्वाब
देखे
हैं
हजारों
कोशिशें
की
पर
किनारे
दुख
नहीं
लगते
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Rohit Gustakh
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इशारा
है
ख़ुदा
का
एक
दूजे
के
लिए
हैं
हम
दुपट्टा
तेरा
यूँँ
नईं
फँस
रहा
मेरी
घड़ी
में
जान
Kartik tripathi
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वो
लोग
हम
ही
थे
मुहब्बत
में
जो
फिर
आगे
हुए
वो
लोग
हम
ही
थे
मियाँ
जो
दूर
भागे
जिस्म
से
Kartik tripathi
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यार
तू
भी
मानता
है
हाथ
की
तहरीर
में
मैं
समझता
था
कि
हम
दो
जिस्म
और
इक
जान
है
Kartik tripathi
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ग़म
की
शब
हिज्र-ए-माह
मुबारक
हो
हमको
अब
ये
तनख़्वाह
मुबारक
हो
उसने
उसको
रक्खा
हम
सेे
पहले
सो
शहज़ादी
को
शाह
मुबारक
हो
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Kartik tripathi
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यार
इस
तरह
मेरे
साथ
एक
दिक्कत
है
दोस्त
हूँ
उसी
का
मैं
जो
मिरी
मोहब्बत
है
Kartik tripathi
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