fer li nazar sabse ab nahin shikaayat bhi | फेर ली नज़र सब सेे अब नहीं शिकायत भी

  - Kartik tripathi
फेरलीनज़रसबसेेअबनहींशिकायतभी
हैयहाँसभीअपनेखागईयेआदतभी
दूरजबहुआवोतोसोचकरहुएख़ुशहम
वोचलीगईअबसरसेगईमुसीबतभी
कहतीहैवोसबसेलड़काशबाबहैलेकिन
उससेेइश्क़करनेमेंहैहज़ारदिक़्क़तभी
कोशिशेंकिसीकीजातीनहींयहाँख़ाली
बारबारकीहमनेसोचयेमोहब्बतभी
साथएकलड़कीकोदेखकहदियाउसने
अबतुम्हेंभलाक्याहोगीमिरीज़रूरतभी
नौसेपाँचकीइसकमबख़्तदफ़्तरीमेंअब
मरगईकहींख़ालीबैठनेकिचाहतभी
प्यारउनकीजानिबसेमुफ़्तमेंकभीआए
फिरकभीकभीआएबे-हिसाबनफ़रतभी
फिल्मअबभलेहीलंबीनहींचलीहोपर
थीअमर-कहानीहोनीथीख़ूब-सूरतभी
  - Kartik tripathi
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