peeta nahin magar mujhe aadat ajeeb hai | पीता नहीं मगर मुझे आदत अजीब है

  - Kalamkash
पीतानहींमगरमुझेआदतअजीबहै
कहताहूँमैंजहाँसेमुहब्बतअजीबहै
जोरोगदिलकोहैलगाउसकीकहूँमैंक्या
मैंक्याकहूँयेदिलभीहज़रतअजीबहै
शम-ए-हयातबुझचुकीजलतारहाख़ुलूस
जलतेजहाँमेंऔरयूँँबरकतअजीबहै
येहिज्रयेविसालकोईखेलतोनहीं
तुमकोतोगोयाइश्क़सेवहशतअजीबहै
यारोंमेंहमक़लमरहेअनजानबे-ख़बर
कहतेफिरेजहाँसेकिग़फ़लतअजीबहै
  - Kalamkash
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