hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Kaif Uddin Khan
musalsal ik aziyyat tha hamaara haar jaana fir
musalsal ik aziyyat tha hamaara haar jaana fir | मुसलसल इक अज़िय्यत था हमारा हार जाना फिर
- Kaif Uddin Khan
मुसलसल
इक
अज़िय्यत
था
हमारा
हार
जाना
फिर
हमारी
हार
का
उस
शहर
में
एलान
होना
भी
- Kaif Uddin Khan
Download Sher Image
हमें
ये
जिस
तरह
से
ख़्याल
तेरा
खेंच
लेता
है
लगा
ले
शर्त,
तुझ
सेे
ग्रैविटी
ने
हार
जाना
है
Nawaaz
Send
Download Image
33 Likes
अब
इसको
अपनी
हार
कहूँ
या
कहूँ
मैं
जीत
रूठा
हुआ
था
मैं,
वो
मना
ले
गया
मुझे
Krishna Bihari Noor
Send
Download Image
32 Likes
खोए
खोए
से
रहते
हो
यारा
दिल-विल
हार
गए
क्या
shaan manral
Send
Download Image
1 Like
बाजी
बदी
थी
उसने
मेरे
चश्मे-तर
के
साथ
आख़िर
को
हार
हार
के
बरसात
रह
गई
Khwaja Meer Dard
Send
Download Image
27 Likes
इसी
जगह
इसी
दिन
तो
हुआ
था
ये
एलान
अँधेरे
हार
गए
ज़िंदाबाद
हिन्दोस्तान
Javed Akhtar
Send
Download Image
78 Likes
यूँँ
ही
हमेशा
उलझती
रही
है
ज़ुल्म
से
ख़ल्क़
न
उनकी
रस्म
नई
है,
न
अपनी
रीत
नई
यूँँ
ही
हमेशा
खिलाए
हैं
हमने
आग
में
फूल
न
उनकी
हार
नई
है,
न
अपनी
जीत
नई
Read Full
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
34 Likes
कितना
अजीब
है
ये
मोहब्बत
का
खेल
भी
हम
हार
कर
भी
इस
में
कई
रोज़
ख़ुश
रहे
Read Full
Khalid Azad
Send
Download Image
27 Likes
'नबील'
इस
इश्क़
में
तुम
जीत
भी
जाओ
तो
क्या
होगा
ये
ऐसी
जीत
है
पहलू
में
जिस
के
हार
चलती
है
Aziz Nabeel
Send
Download Image
18 Likes
अपना
सब
कुछ
हार
के
लौट
आए
हो
न
मेरे
पास
मैं
तुम्हें
कहता
भी
रहता
था
कि
दुनिया
तेज़
है
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
107 Likes
दोनों
जहान
तेरी
मोहब्बत
में
हार
के
वो
जा
रहा
है
कोई
शब-ए-ग़म
गुज़ार
के
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
44 Likes
Read More
हादसे
ने
किया
जुदा
हमको
मौत
ने
देर
कर
दी
आने
में
Kaif Uddin Khan
Send
Download Image
13 Likes
हमारा
इल्म
बूढ़ा
हो
रहा
है
किताबें
धूल
खाती
जा
रही
हैं
Kaif Uddin Khan
Send
Download Image
19 Likes
हिज्र
में
मुब्तला
नहीं
होना
अब
हमें
ग़म-ज़दा
नहीं
होना
हिज्र
के
बाद
मुतमइन
हैं
यूँँ
जैसे
अब
कुछ
बुरा
नहीं
होना
यूँँ
तो
सहरा
की
धूल
हूँ
बेशक
पर
मुझे
ज़ेर-ए-पा
नहीं
होना
शौक़-ए-दीदार
मर
गया
मेरा
और
उसको
ख़ुदा
नहीं
होना
ख़्वाब
आँखों
से
कर
गया
हिजरत
नींद
को
पर
ख़फ़ा
नहीं
होना
तू
फ़क़त
एक
बार
मिलती
है
ज़िन्दगी!
मसअला
नहीं
होना
दाग़-ए-हस्ती
को
देखकर
तय
है
ज़ख़्म-ए-जाँ
अब
हरा
नहीं
होना
अब
ये
कश्ती
तेरे
हवाले
है
अब
मुझे
ना-ख़ुदा
नहीं
होना
चाहता
हूँ
मुझे
सुनाई
दे
शोर
जिसको
सदा
नहीं
होना
पुर
है
मेरा
वुजूद
वहशत
से
इस
बदन
को
ख़ला
नहीं
होना
Read Full
Kaif Uddin Khan
Download Image
3 Likes
मिला
था
काम
जो
मुझे
वो
कर
दिया
बचा
हुआ
अगर
करे
ख़ुदा
करे
Kaif Uddin Khan
Send
Download Image
5 Likes
हमारा
कूज़ा-गर
काहिल
बहुत
है
हमारे
कूज़ागर
से
क्या
बनेगा
Kaif Uddin Khan
Send
Download Image
3 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Kisaan Shayari
Rang Shayari
Tamanna Shayari
Good morning Shayari
Bimar Shayari