vaham ki intiha hai kya yaanii | वहम की इंतहा है क्या यानी

  - Kaif Uddin Khan
वहमकीइंतहाहैक्यायानी
मसनद-ए-ज़ेहनपेख़ुदायानी
सर-ब-सरभूलनेकीकोशिशमें
मैंउसेसोचतारहायानी
कुछनहींहैवजूदकीहस्ती
ज़ातहैपैकर-ए-ख़लायानी
मैंहूँमौजूदबारहातुझमें
हूँमगरख़ुदमेंलापतायानी
दिलदुखानातुझीसेसीखाहै
ज़हरहैज़हरकीदवायानी
कितनादुश्वारहैजिएजाना
ख़ुल्दमेंभीसज़ाहैक्यायानी
कैफ़जिसकाजवाबमुश्किलहै
बूदहैवोसवालला-यानी
  - Kaif Uddin Khan
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