surkh heere se koylaa karke | सुर्ख़ हीरे से कोयला करके

  - Kaif Uddin Khan
सुर्ख़हीरेसेकोयलाकरके
उसनेछोड़ाहैक्यासेक्याकरके
क्यूँँदुनियाकफ़सबनादेंहम
सबपरिंदोंसेमशवराकरके
क्यामिलाहैसिवाएनाकामी
ज़िंदगीतुझसेेइल्तिजाकरके
कितनेहिस्सोंमेंबँटगएहैंहम
एकहोनेकाफ़ैसलाकरके
एकसूरजवुजूदमेंलाओ
सबचराग़ोंकोमुजतमाकरके
अबवोकहनेकोआदमीभीनहीं
उसनेछोड़ाजिसेख़ुदाकरके
  - Kaif Uddin Khan
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