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Meem Alif Shaz
zindagi men roz imtihaan hai na jaane kyun
zindagi men roz imtihaan hai na jaane kyun | ज़िन्दगी में रोज़ इम्तिहान है न जाने क्यूँँ
- Meem Alif Shaz
ज़िन्दगी
में
रोज़
इम्तिहान
है
न
जाने
क्यूँँ
कुछ
करो
या
मत
करो
थकान
है
न
जाने
क्यूँँ
पहले
लोगों
की
तरह
हमें
न
मिल
सका
सुकून
चलते
फिरते
ज़ेहन
में
दुकान
है
न
जाने
क्यूँँ
- Meem Alif Shaz
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क्या
ख़ुशी
में
ज़िंदगी
का
होश
कम
रह
जाएगा
ग़म
अगर
मिट
भी
गया
एहसास-ए-ग़म
रह
जाएगा
Shakeel Badayuni
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ज़िंदगी
ज़िंदा-दिली
का
है
नाम
मुर्दा-दिल
ख़ाक
जिया
करते
हैं
Imam Bakhsh Nasikh
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हर
एक
काम
है
धोका
हर
एक
काम
है
खेल
कि
ज़िंदगी
में
तमाशा
बहुत
ज़रूरी
है
Khaleel Mamoon
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तुम्हारी
मौत
मेरी
ज़िंदगी
से
बेहतर
है
तुम
एक
बार
मरे
मैं
तो
बार
बार
मरा
Zubair Ali Tabish
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हाए
क्या
दौर-ए-ज़िंदगी
गुज़रा
वाक़िए
हो
गए
कहानी
से
Gulzar Dehlvi
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कुछ
दिन
से
ज़िंदगी
मुझे
पहचानती
नहीं
यूँँ
देखती
है
जैसे
मुझे
जानती
नहीं
Anjum Rehbar
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मैं
ने
आबाद
किए
कितने
ही
वीराने
'हफ़ीज़'
ज़िंदगी
मेरी
इक
उजड़ी
हुई
महफ़िल
ही
सही
Hafeez Banarasi
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कुछ
बेटियाँ
बिन
बाप
के
भी
काटती
हैं
ज़िंदगी
कुछ
बेटियों
के
सिर
पे
दोनों
हाथ
माँ
के
होते
हैं
Bhoomi Srivastava
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ज़िंदगी
यूँँ
हुई
बसर
तन्हा
क़ाफ़िला
साथ
और
सफ़र
तन्हा
Gulzar
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बस
एक
मोड़
मिरी
ज़िंदगी
में
आया
था
फिर
इस
के
बाद
उलझती
गई
कहानी
मेरी
Abbas Tabish
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मेरा
ग़म
कम
नहीं
होता
साक़ी
बता
अब
तिरे
पानी
में
वो
शिफ़ा
क्यूँ
नहीं
Meem Alif Shaz
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समुंदर
के
सिवा
कोई
नहीं
है
जो
सफ़ीनों
को
बता
दे
हैसियत
उन
की
Meem Alif Shaz
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मोहब्बत
का
सफ़र
मुश्किल
नहीं
है
अगर
है
हौसला
मंज़िल
मिलेगी
Meem Alif Shaz
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हवाओं
को
ख़रीदा
जा
रहा
है
चिराग़ों
को
जलाया
जा
रहा
है
ग़रीबों
को
मिले
इंसाफ़
कैसे
सबूतों
को
मिटाया
जा
रहा
है
अगर
पूछो
मोहब्बत
तो
बहुत
है
मगर
माँ
को
सताया
जा
रहा
है
करेगा
कौन
तुम
पे
अब
भरोसा
सुना
है
सच
छुपाया
जा
रहा
है
घरों
से
कौन
कालिख़
को
निकाले
मोहब्बत
का
जनाज़ा
जा
रहा
है
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Meem Alif Shaz
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जो
हमेशा
दूर
रहता
था
वही
शख़्स
मुझ
को
अपनी
कब्र
से
भी
घूरता
है
Meem Alif Shaz
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