hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Meem Alif Shaz
zindagi bhi ik lateefa ban gaii hai
zindagi bhi ik lateefa ban gaii hai | ज़िन्दगी भी इक लतीफ़ा बन गई है
- Meem Alif Shaz
ज़िन्दगी
भी
इक
लतीफ़ा
बन
गई
है
हम
छुपाते
हैं
ग़मों
को
मुस्कुरा
के
- Meem Alif Shaz
Download Sher Image
बद-हवा
सेी
है
बे-ख़याली
है
क्या
ये
हालत
भी
कोई
हालत
है
ज़िंदगी
से
है
जंग
शाम-ओ-सहर
मौत
से
शिकवा
है
शिकायत
है
Read Full
Chandan Sharma
Send
Download Image
2 Likes
ये
मेरी
ज़िद
ही
ग़लत
थी
कि
तुझ
सेा
बन
जाऊँ
मैं
अब
न
अपनी
तरह
हूँ
न
तेरे
जैसा
हूँ
हमारे
बीच
ज़माने
की
बदगुमानी
है
मैं
ज़िंदगी
से
ज़रा
कम
ही
बात
करता
हूँ
Read Full
Subhan Asad
Send
Download Image
23 Likes
बहुत
हसीन
सही
सोहबतें
गुलों
की
मगर
वो
ज़िंदगी
है
जो
काँटों
के
दरमियाँ
गुज़रे
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
47 Likes
तू
कहानी
ही
के
पर्दे
में
भली
लगती
है
ज़िन्दगी
तेरी
हक़ीक़त
नहीं
देखी
जाती
Akhtar Saeed Khan
Send
Download Image
38 Likes
मुझे
ख़बर
नहीं
ग़म
क्या
है
और
ख़ुशी
क्या
है
ये
ज़िंदगी
की
है
सूरत
तो
ज़िंदगी
क्या
है
Ahsan Marahravi
Send
Download Image
29 Likes
उसके
जाने
और
आने
में
फ़क़त
यह
फ़र्क़
है
दूर
जाती
मौत
है
तो
पास
आती
ज़िन्दगी
Divy Kamaldhwaj
Send
Download Image
35 Likes
मौत
ही
इंसान
की
दुश्मन
नहीं
ज़िंदगी
भी
जान
ले
कर
जाएगी
Arsh Malsiyani
Send
Download Image
30 Likes
तेरा
प्यार
मेरी
ज़िंदगी
में
बहार
ले
कर
आया
है
तेरे
आने
से
पहले
हर
दिन
पतझड़
हुआ
करता
था
Read Full
Vipul Kumar
Send
Download Image
29 Likes
शौक़,लत,आवारगी,अय्याशी
में
गुज़री
हमारी
ज़िन्दगी
अब
तू
मुनासिब
सी
सज़ा
दे
गिनती
करके
Kartik tripathi
Send
Download Image
7 Likes
ज़िंदगी
यूँँही
बहुत
कम
है
मोहब्बत
के
लिए
रूठ
कर
वक़्त
गँवाने
की
ज़रूरत
क्या
है
Unknown
Send
Download Image
50 Likes
Read More
वो
मुझे
बर्बाद
करना
चाहता
है
नासमझ
है
जब
ख़ुदा
आबाद
करना
चाहता
है
नासमझ
है
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
ख़ुद-कुशी
कर
के
उस
को
दवा
मिल
गई
घर
के
लोगों
को
लेकिन
सज़ा
मिल
गई
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
ज़माना
कब
सुनेगा
साज़
तेरा
ज़माना
हो
गया
है
गुनगुनाते
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
अपनी
आँखों
से
किसी
दिन
यह
तमाशा
देखना
दर्द
में
रोते
हुए
ख़ुद
को
ही
तन्हा
देखना
पहले
तुम
सीखो
ज़रा
तैराकी
का
हर
इक
हुनर
साथ
चलते
चलते
फिर
हर
एक
दरिया
देखना
"शाज़"
घर
से
दूर
तो
बस
अजनबी
ही
मिलते
हैं
जब
कभी
घर
जाओ
तो
कोई
शनासा
देखना
Read Full
Meem Alif Shaz
Download Image
0 Likes
कैसे
उम्मीद
करें
हम
वो
बदल
जाएगा
आज
आईने
को
भी
तोड़
दिया
है
जिस
ने
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Maikada Shayari
Jhooth Shayari
Crime Shayari
Judai Shayari
Dosti Shayari