hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Meem Alif Shaz
umr bhar tujh ko dekha nahin ghaur se
umr bhar tujh ko dekha nahin ghaur se | उम्र भर तुझ को देखा नहीं ग़ौर से
- Meem Alif Shaz
उम्र
भर
तुझ
को
देखा
नहीं
ग़ौर
से
तेरी
ज़ुल्फ़ों
में
उलझे
रहे
उम्र
भर
- Meem Alif Shaz
Download Sher Image
उम्र-ए-दराज़
माँग
के
लाई
थी
चार
दिन
दो
आरज़ू
में
कट
गए
दो
इंतिज़ार
में
Seemab Akbarabadi
Send
Download Image
57 Likes
उसकी
टीस
नहीं
जाती
है
सारी
उम्र
पहला
धोखा
पहला
धोखा
होता
है
Shariq Kaifi
Send
Download Image
35 Likes
उम्र
शायद
न
करे
आज
वफ़ा
काटना
है
शब-ए-तन्हाई
का
Altaf Hussain Hali
Send
Download Image
27 Likes
उम्र
ये
मेरी
सिर्फ़
लबादा
मेरे
खद
ओ
ख़ाल
का
है
मेरा
दिल
तो
मुश्किल
से
कुछ
सोलह
सतरह
साल
का
है!
Vishal Bagh
Send
Download Image
27 Likes
एक
दिन
देखने
को
आ
जाते
ये
हवस
उम्र
भर
नहीं
होती
Ibn E Insha
Send
Download Image
27 Likes
जहाँ
पे
मैंने
तुझे
पहली
बार
देखा
था
वहाँ
पे
फूल
रखे
मैंने,
उम्र
भर
रक्खे
Aslam Rashid
Send
Download Image
41 Likes
बूढ़ी
बोझल
सूखी
आँखें
देख
रही
हैं
हैरत
से
कच्ची
उम्र
के
लड़कों
ने
कुछ
ऐसी
बातें
लिक्खी
हैं
Shadab Javed
Send
Download Image
40 Likes
मैं
ज़िन्दगी
में
आज
पहली
बार
घर
नहीं
गया
मगर
तमाम
रात
दिल
से
माँ
का
डर
नहीं
गया
बस
एक
दुख
जो
मेरे
दिल
से
उम्र
भर
न
जाएगा
उसको
किसी
के
साथ
देख
कर
मैं
मर
नहीं
गया
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
171 Likes
ख़ूब-सूरत
ये
मोहब्बत
में
सज़ा
दी
उसने
फिर
गले
मिलके
मेरी
उम्र
बढ़ा
दी
उसने
Manzar Bhopali
Send
Download Image
69 Likes
आख़िर
को
हँस
पड़ेंगे
किसी
एक
बात
पर
रोना
तमाम
उम्र
का
बे-कार
जाएगा
Khursheed Rizvi
Send
Download Image
59 Likes
Read More
हम
मोहब्बत
नहीं
करते
तो
बिखर
जाते
तुम
पास
अपने
नहीं
रखते
तो
किधर
जाते
तुम
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
1 Like
अभी
ख़ामोश
है
ग़ुस्सा
हमारा
अभी
देखा
नहीं
जज़्बा
हमारा
कभी
टूटी
हुई
तलवार
समझो
अभी
आया
नहीं
मौक़ा
हमारा
सिफ़ारिश
चल
रही
है
ज़िन्दगी
से
न
जाने
कब
खुले
रस्ता
हमारा
बुलाने
की
कभी
कोशिश
तो
करते
पिघल
जाता
तभी
शीशा
हमारा
मोहब्बत
से
नहीं
कोई
लड़ाई
मगर
नफ़रत
से
है
झगड़ा
हमारा
नहीं
खाई
कभी
रिश्वत
किसी
की
तभी
तो
रंग
है
फीका
हमारा
उदासी
फेंक
दी
कमरे
से
बाहर
कहीं
हो
जाए
फिर
चर्चा
हमारा
निकलते
जा
रहे
साँसों
के
धागे
बहुत
ही
कम
बचा
जीना
हमारा
मोहब्बत
करना
सीखेंगे
मेरे
शाज़
यहाँ
चलता
नहीं
सिक्का
हमारा
Read Full
Meem Alif Shaz
Download Image
0 Likes
रास्ता
छोटा
नहीं
है
लेकिन
हम
को
काफ़ी
मज़ा
भी
आएगा
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
1 Like
मैं
अपने
घर
से
तन्हा
जा
रहा
हूँ
दुआएँ
कर
के
तोड़ा
जा
रहा
हूँ
कभी
दीवार
होने
ही
नहीं
दी
सो
भाई
को
मैं
खलता
जा
रहा
हूँ
बिखर
जाऊँ
ज़माना
चाहता
है
मगर
मैं
ऊँचा
बनता
जा
रहा
हूँ
जो
बुझता
ही
नहीं
शातिर
हवा
से
मैं
वो
ही
शम्स
होता
जा
रहा
हूँ
Read Full
Meem Alif Shaz
Download Image
0 Likes
जो
हमारे
वफ़ादार
हैं
वो
सभी
थोड़े
से
पैसों
के
भी
तलबगार
हैं
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Yaad Shayari
Dua Shayari
Father Shayari
Hijrat Shayari
Basant Shayari