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Meem Alif Shaz
tum takalluf karte ho woh bhi hamaare saath men
tum takalluf karte ho woh bhi hamaare saath men | तुम तकल्लुफ़ करते हो वो भी हमारे साथ में
- Meem Alif Shaz
तुम
तकल्लुफ़
करते
हो
वो
भी
हमारे
साथ
में
इश्क़
में
दिल
भर
के
देखा
जाता
है
तो
देखो
ना
- Meem Alif Shaz
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हम
ऐसे
लोग
भी
जाने
कहाँ
से
आते
हैं
ख़ुशी
में
रोते
हैं
जो
ग़म
में
मुस्कुराते
हैं
हमारा
साथ
भला
कब
तलक
निभाते
आप
कभी
कभी
तो
हमीं
ख़ुद
से
ऊब
जाते
हैं
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Mohit Dixit
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तुम्हारे
साथ
चलने
पर
जो
दिल
राज़ी
नहीं
होता
बहुत
पहले
हम
अपना
फ़ैसला
तब्दील
कर
लेते
Saleem Kausar
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जो
मेरे
साथ
मोहब्बत
में
हुई
आदमी
एक
दफा
सोचेगा
रात
इस
डर
में
गुजारी
हमने
कोई
देखेगा
तो
क्या
सोचेगा
Tehzeeb Hafi
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तू
उसके
दिल
में
जगह
चाहता
है
यार
जो
शख़्स
किसी
को
देता
नहीं
अपने
साथ
वाली
जगह
Umair Najmi
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जानता
हूँ
कि
तुझे
साथ
तो
रखते
हैं
कई
पूछना
था
कि
तेरा
ध्यान
भी
रखता
है
कोई?
Umair Najmi
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ज़िंदगी
यूँँ
हुई
बसर
तन्हा
क़ाफ़िला
साथ
और
सफ़र
तन्हा
Gulzar
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तुम्हारे
बाद
ये
दुख
भी
तो
सहना
पड़
रहा
है
किसी
के
साथ
मजबूरी
में
रहना
पड़
रहा
है
Ali Zaryoun
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तेरे
साथ
भी
मुश्किल
पड़ता
था
तेरे
बिन
तो
गुजारा
क्या
होता
गर
तू
भी
नहीं
होता
तो
न
जाने
दोस्त
हमारा
क्या
होता
Siddharth Saaz
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टेंशन
से
मरेगा
न
कोरोने
से
मरेगा
इक
शख़्स
तेरे
साथ
न
होने
से
मरेगा
Idris Babar
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दर्द-ए-मुहब्बत
दर्द-ए-जुदाई
दोनों
को
इक
साथ
मिला
तू
भी
तन्हा
मैं
भी
तन्हा
आ
इस
बात
पे
हाथ
मिला
Abrar Kashif
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शादमानी,
शादमानी,
शादमानी
उन
के
होटों
की
अदा
भी
क्या
अदा
है
Meem Alif Shaz
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बोलने
से
मिलेगी
सज़ा
चुप
रहो
कुर्सी
पे
बैठे
हैं
ये
ख़ुदा
चुप
रहो
भूल
जाओ
किसी
को
बचाना
भी
है
इस
की
मिलती
नहीं
है
जज़ा
चुप
रहो
तुम
क़लम
तोड़
दो
या
लिखो
झूठ
को
सच
लिखो
तो
मिलेगी
अज़ा
चुप
रहो
फैल
जाएगा
यह
ज़ुल्म
चारों
तरफ़
और
इस
की
नहीं
है
दवा
चुप
रहो
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Meem Alif Shaz
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दग़ा
देने
में
तो
फ़नकार
हैं
कुछ
लोग
मगर
ये
शर्म
से
मर
जाते
हैं
अकसर
Meem Alif Shaz
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हमारी
नफरतें
कब
ख़त्म
होंगी
मोहब्बत
का
जनाज़ा
जा
रहा
है
Meem Alif Shaz
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ज़लज़ला
शायद
नहीं
आया
उधर
जो
कभी
मग़रूर
थे
मग़रूर
हैं
Meem Alif Shaz
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