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Meem Alif Shaz
tere jaate hi ha
tere jaate hi ha | तेरे जाते ही हमें इक दोस्त फिर ऐसा मिला
- Meem Alif Shaz
तेरे
जाते
ही
हमें
इक
दोस्त
फिर
ऐसा
मिला
दर्द
जिस
का
नाम
है
दिल
में
हमेशा
रहता
है
- Meem Alif Shaz
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मिलने
की
तरह
मुझ
सेे
वो
पल
भर
नहीं
मिलता
दिल
उस
से
मिला
जिस
सेे
मुक़द्दर
नहीं
मिलता
Naseer Turabi
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गले
में
उस
के
ख़ुदा
की
अजीब
बरकत
है
वो
बोलता
है
तो
इक
रौशनी
सी
होती
है
Bashir Badr
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तमाम
फ़र्क़
मोहब्बत
में
एक
बात
के
हैं
वो
अपनी
ज़ात
का
नईं
है
हम
उस
की
ज़ात
के
हैं
Pallav Mishra
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ये
मख़मली
गद्दे
तो
तुझको
ही
मुबारक
हों
ऐ
दोस्त
मुझे
बस
माँ
की
गोद
ही
काफ़ी
है
Harsh saxena
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इसी
ख़्वाब
में
ज़ाया'
किया
'ईद
को
हर
दम
कभी
बोले
वो
सीने
से
लगकर
मुबारक
हो
Harsh saxena
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सीने
लगाऊँ
ग़ैर
को
तो
पूछता
है
दिल
किसकी
जगह
थी
और
ये
सीने
पे
कौन
है
Ankit Maurya
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इतना
आसान
नहीं
होता
है
शायर
कहलाना
दर्दों
को
कहने
से
पहले
सहना
भी
पड़ता
है
Harsh saxena
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नापता
हूँ
मैं
ख़यालात
की
गहराई
को
कौन
समझेगा
मेरी
बात
की
गहराई
को
Charagh Sharma
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तुम
ने
स्वेटर
बुना
था
मिरे
नाम
का
मैं
भी
लाया
था
कुछ
सर्दियाँ
जंगली
Shakeel Azmi
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दूर
तक
छाए
थे
बादल
और
कहीं
साया
न
था
इस
तरह
बरसात
का
मौसम
कभी
आया
न
था
Qateel Shifai
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क्या
मिला
है
इस
तरह
हुशयार
होकर
आज
मेरी
राह
में
दीवार
होकर
अब
कहाँ
है
ग़ुस्सा
तेरा
ज़ुल्म
तेरा
अब
तो
हिलता
भी
नहीं
बीमार
होकर
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Meem Alif Shaz
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चलते
चलते
थक
गए
हैं
हम
ठहर
जाएँ
अभी
कब
तलक
चलते
रहें
हम
अपने
घर
जाएँ
अभी
जिस्म
के
पत्ते
बिखरते
जा
रहें
हैं
तेज़ी
से
बस
यही
बेहतर
है
ऊपर
से
उतर
जाएँ
अभी
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Meem Alif Shaz
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सुब्ह
से
शाम
तक
है
बेक़रारी
सी
तिरी
यादें
नहीं
देती
ख़ुशी
के
पल
Meem Alif Shaz
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महलों
में
रहना
मेरा
कमाल
है
कितना
ज़ालिम
यह
मेरा
ख़्याल
है
Meem Alif Shaz
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ज़िंदा
रहने
की
कोशिश
जारी
रख
लेकिन
मौत
की
भी
तू
तैयारी
रख
दीवारों
से
बातें
कर
के
रो
ले
अपनी
तन्हाई
की
ख़ुद्दारी
रख
देख
ज़माना
क्या
क्या
कर
सकता
है
जीना
है
तो
थोड़ी
हुशयारी
रख
जिस
को
जाना
था
वो
तो
जा
चुका
है
उस
की
तस्वीरों
में
चिंगारी
रख
यह
महँगाई
तो
बढ़ती
रहती
है
थोड़ा
बचा
के
जेबों
को
भारी
रख
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Meem Alif Shaz
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