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Meem Alif Shaz
sab khilauno ki meethi aawazo men
sab khilauno ki meethi aawazo men | सब खिलौनों की मीठी आवाज़ो में
- Meem Alif Shaz
सब
खिलौनों
की
मीठी
आवाज़ो
में
वो
मेरा
बचपन
बुलाता
है
मुझ
को
- Meem Alif Shaz
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मैं
ने
हाथों
से
बुझाई
है
दहकती
हुई
आग
अपने
बच्चे
के
खिलौने
को
बचाने
के
लिए
Shakeel Jamali
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मुहब्बत
दुसरी
कोशिश
में
पहली
मर्तबा
होगी
वही
स्कूल
की
लड़की
मेरे
कॉलेज
में
आई
है
Nasir khan 'Nasir'
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मिरी
जो
शख़्सियत
है
उसको
माँ
ने
ही
तराशा
है
मिरा
बचपन
जहाँ
बीता
था
उस
घर
का
किराया
हूँ
Amaan Pathan
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अपना
बचपन
भूल
बैठा
हूँ
मगर
अब
भी
तेरा
रोल
नंबर
याद
है
Salman Zafar
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क्या
सितम
करते
हैं
मिट्टी
के
खिलौने
वाले
राम
को
रक्खे
हुए
बैठे
हैं
रावण
के
क़रीब
Asghar Mehdi Hosh
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छोड़
कर
जाने
का
मंज़र
याद
है
हर
सितम
तेरा
सितमगर
याद
है
अपना
बचपन
भूल
बैठा
हूँ
मगर
अब
भी
तेरा
रोल
नंबर
याद
है
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Salman Zafar
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अब
तक
हमारी
उम्र
का
बचपन
नहीं
गया
घर
से
चले
थे
जेब
के
पैसे
गिरा
दिए
Nashtar Khaanqahi
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इक
खिलौना
टूट
जाएगा
नया
मिल
जाएगा
मैं
नहीं
तो
कोई
तुझ
को
दूसरा
मिल
जाएगा
Adeem Hashmi
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मेरा
बचपन
भी
साथ
ले
आया
गाँव
से
जब
भी
आ
गया
कोई
Kaifi Azmi
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बचपन
से
ख़ुद
पे
दाँव
लगाते
रहे
हैं
हम
सीखी
है
खेल
खेल
में
हमने
शनावरी
Ajeetendra Aazi Tamaam
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सुनता
हूँ
तेरी
यादों
की
झंकार
मैं
ख़्वाबों
में
छूता
हूँ
तिरे
रुख़सार
मैं
तेरे
लबों
पे
बैठे
कोई
तितली
भी
बर्दाश्त
कर
सकता
नहीं
यह
हार
मैं
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Meem Alif Shaz
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हम
ने
सब
लोगों
से
मोहब्बत
की
फिर
दिलों
पर
बहुत
हुकूमत
की
हम
उतारे
गए
हैं
मसनद
से
हम
ने
सच
बोलने
की
जुर्रत
की
उस
ज़बाँ
को
तो
खींच
ही
डाला
जिस
ने
हक़
के
लिए
वज़ाहत
की
जिस
को
चाहा
उसी
का
दिल
तोड़ा
ये
तो
तौहीन
है
मोहब्बत
की
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Meem Alif Shaz
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ज़िंदा
रहने
की
कोशिश
जारी
रख
लेकिन
मौत
की
भी
तू
तैयारी
रख
दीवारों
से
बातें
कर
के
रो
ले
अपनी
तन्हाई
की
ख़ुद्दारी
रख
देख
ज़माना
क्या
क्या
कर
सकता
है
जीना
है
तो
थोड़ी
हुशयारी
रख
जिस
को
जाना
था
वो
तो
जा
चुका
है
उस
की
तस्वीरों
में
चिंगारी
रख
यह
महँगाई
तो
बढ़ती
रहती
है
थोड़ा
बचा
के
जेबों
को
भारी
रख
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Meem Alif Shaz
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जिस
को
तराशा
था
सालों
तक
मैंने
वो
बेटा
इक
काला
पथ्थर
निकला
Meem Alif Shaz
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आज
मेरे
कमरे
में
कोई
न
आए
आज
मुझ
को
देर
तक
मिलना
है
ख़ुदस
Meem Alif Shaz
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