hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Meem Alif Shaz
main ik phool bhi hooñ main to ik paththar bhi hooñ
main ik phool bhi hooñ main to ik paththar bhi hooñ | मैं इक फूल भी हूँ मैं तो इक पथ्थर भी हूँ
- Meem Alif Shaz
मैं
इक
फूल
भी
हूँ
मैं
तो
इक
पथ्थर
भी
हूँ
जो
करना
है
तेरे
हाथों
को
करना
है
- Meem Alif Shaz
Download Sher Image
चल
दिए
घर
से
तो
घर
नहीं
देखा
करते
जाने
वाले
कभी
मुड़
कर
नहीं
देखा
करते
सीपियां
कौन
किनारे
से
उठा
कर
भागा
ऐसी
बाते
समुंदर
नहीं
देखा
करते
Read Full
Unknown
Send
Download Image
23 Likes
ज़ख़्म
है
दर्द
है
दवा
भी
है
जैसे
जंगल
है
रास्ता
भी
है
यूँँ
तो
वादे
हज़ार
करता
है
और
वो
शख़्स
भूलता
भी
है
हम
को
हर
सू
नज़र
भी
रखनी
है
और
तेरे
पास
बैठना
भी
है
यूँँ
भी
आता
नहीं
मुझे
रोना
और
मातम
की
इब्तिदा
भी
है
चूमने
हैं
पसंद
के
बादल
शाम
होते
ही
लौटना
भी
है
Read Full
Karan Sahar
Send
Download Image
9 Likes
पहले
उसकी
ख़ुशबू
मैंने
ख़ुद
पर
तारी
की
फिर
मैंने
उस
फूल
से
मिलने
की
तैयारी
की
इतना
दुख
था
मुझको
तेरे
लौट
के
जाने
का
मैंने
घर
के
दरवाजों
से
भी
मुँह
मारी
की
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
111 Likes
पूरी
कायनात
में
एक
क़ातिल
बीमारी
की
हवा
हो
गई
वक़्त
ने
कैसा
सितम
ढाया
कि
दूरियाँ
ही
दवा
हो
गईं
Unknown
Send
Download Image
39 Likes
अपनी
क़िस्मत
में
सभी
कुछ
था
मगर
फूल
ना
थे
तुम
अगर
फूल
ना
होते
तो
हमारे
होते
Ashfaq Nasir
Send
Download Image
44 Likes
ख़ुद
को
मनवाने
का
मुझको
भी
हुनर
आता
है
मैं
वो
कतरा
हूँ
समुंदर
मेरे
घर
आता
है
Waseem Barelvi
Send
Download Image
81 Likes
हमेशा
हाथों
में
होते
हैं
फूल
उनके
लिए
किसी
को
भेज
के
मँगवाने
थोड़ी
होते
हैं
Anwar Shaoor
Send
Download Image
29 Likes
मैं
अपने
बाप
के
सीने
से
फूल
चुनता
हूँ
सो
जब
भी
साँस
थमी
बाग़
में
टहल
आया
Hammad Niyazi
Send
Download Image
20 Likes
फोन
भी
आया
तो
शिकवे
के
लिए
फूल
भी
भेजा
तो
मुरझाया
हुआ
रास्ते
की
मुश्किलें
तो
जान
लूँ
आता
होगा
उसका
ठुकराया
हुआ
Read Full
Balmohan Pandey
Send
Download Image
78 Likes
बुरी
सरिश्त
न
बदली
जगह
बदलने
से
चमन
में
आ
के
भी
काँटा
गुलाब
हो
न
सका
Arzoo Lakhnavi
Send
Download Image
32 Likes
Read More
अकेले
भी
गुज़ारा
कर
के
देखा
अँधेरे
को
सहारा
कर
के
देखा
न
आई
जब
मदद
कोई
किसी
की
परिंदों
को
इशारा
कर
के
देखा
सुना
था
बे-वफ़ा
हो
सकती
है
वो
तभी
तो
इस्तिख़ारा
कर
के
देखा
मिरे
दिल
में
धुआँ
होने
लगा
था
ख़ुदा
का
ज़िक्र
सारा
कर
के
देखा
Read Full
Meem Alif Shaz
Download Image
0 Likes
उड़ने
वाले
पंछी
को
नीचे
आना
पड़ता
है
इक
दिन
उस
को
भी
फिर
मिट्टी
में
जाना
पड़ता
है
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
अचानक
से
चले
जाते
हैं
जो
कुछ
लोग
बहारों
में
ख़िज़ाँ
को
छोड़
जाते
हैं
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
उस
की
आँखों
में
काजल
कम
है
तो
कोई
बात
नहीं
चाँद
अगर
थोड़ा
मद्धम
है
आज
तो
कोई
बात
नहीं
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
तू
मिला
हाथ
भी
दुश्मनों
से
मगर
तेरा
हर
दोस्त
यूँँही
मुकम्मल
रहे
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Raqeeb Shayari
Khudkushi Shayari
Insaan Shayari
Death Shayari
Maa Shayari