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Meem Alif Shaz
kaarwaan hausale ka safar men hai shaaz
kaarwaan hausale ka safar men hai shaaz | कारवाँ हौसले का सफ़र में है 'शाज़'
- Meem Alif Shaz
कारवाँ
हौसले
का
सफ़र
में
है
'शाज़'
टूटा
तो
लूट
लेगा
सितमगर
कोई
- Meem Alif Shaz
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सैर
कर
दुनिया
की
ग़ाफ़िल
ज़िंदगानी
फिर
कहाँ
ज़िंदगी
गर
कुछ
रही
तो
ये
जवानी
फिर
कहाँ
Khwaja Meer Dard
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जिस
दौर
से
माज़ी
मिरा
गुज़रा
है
ना
उस
दौर
से
अच्छा
है
ये
तन्हा
सफ़र
Bhoomi Srivastava
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किसी
को
घर
से
निकलते
ही
मिल
गई
मंज़िल
कोई
हमारी
तरह
उम्र
भर
सफ़र
में
रहा
Ahmad Faraz
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बाग़-ए-बहिश्त
से
मुझे
हुक्म-ए-सफ़र
दिया
था
क्यूँँ
कार-ए-जहाँ
दराज़
है
अब
मिरा
इंतिज़ार
कर
Allama Iqbal
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मैं
तेरे
साथ
सितारों
से
गुज़र
सकता
हूँ
कितना
आसान
मोहब्बत
का
सफ़र
लगता
है
Bashir Badr
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सफ़र
में
धूप
तो
होगी
जो
चल
सको
तो
चलो
सभी
हैं
भीड़
में
तुम
भी
निकल
सको
तो
चलो
Nida Fazli
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सितारे
और
क़िस्मत
देख
कर
घर
से
निकलते
हैं
जो
बुज़दिल
हैं
मुहूरत
देखकर
घर
से
निकलते
हैं
हमें
लेकिन
सफ़र
की
मुश्किलों
से
डर
नहीं
लगता
कि
हम
बच्चों
की
सूरत
देखकर
घर
से
निकलते
हैं
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Abrar Kashif
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उसी
को
हम
सेफ़र
करना
पड़ेगा
नहीं
तो
दूर
तक
ख़ाली
सड़क
है
Mehshar Afridi
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मेरे
होंठों
के
सब्र
से
पूछो
उसके
हाथों
से
गाल
तक
का
सफ़र
Mehshar Afridi
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तुझ
तक
आने
का
सफ़र
इतना
भी
आसाँ
तो
न
था
तूने
फेरी
है
नज़र
हम
सेे
जिस
आसानी
से
Mohit Dixit
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ज़रूरत
ही
नहीं
अब
हम
को
मुंसिफ
की
कि
अब
क़ातिल
ही
ख़ुद
इंसाफ़
करता
है
Meem Alif Shaz
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मैं
तेरे
ज़ख़्मों
पे
मरहम
ख़ुद
ही
लगा
तो
देता
लेकिन
अपने
ज़ख़्मों
पे
ही
सारा
मरहम
ख़त्म
हुआ
था
उस
दिन
Meem Alif Shaz
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किसी
के
ख़ौफ़
से
रस्ता
नहीं
बदला
अमीरी
आई
तो
लहजा
नहीं
बदला
सभी
के
सामने
हँसते
रहे
लेकिन
ज़माने
के
लिए
चेहरा
नहीं
बदला
ख़बर
थी
दरिया
में
तूफ़ान
है
आया
महज़
इस
के
लिए
दरिया
नहीं
बदला
पढ़ाई
इश्क़
की
मुश्किल
बहुत
थी
शाज़
किताबों
का
मगर
बस्ता
नहीं
बदला
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Meem Alif Shaz
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उड़ते
उड़ते
नहीं
थकते
परिंदे
भी
वो
सब
भी
तो
मशाली
हैं
चमत्कारी
Meem Alif Shaz
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तू
मोहब्बत
से
मुझे
समझा
सँभल
सकता
हूँ
मैं
चाक
पर
रक्खा
हुआ
हूँ
फिर
से
ढल
सकता
हूँ
मैं
वैसे
तो
इक
फूल
हूँ
मुझ
से
मोहब्बत
कर
के
देख
ऐसे
तो
पत्थर
हूँ
नफ़रत
को
कुचल
सकता
हूँ
मैं
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Meem Alif Shaz
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