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Meem Alif Shaz
ham ko umr se khatra hi khatra hai
ham ko umr se khatra hi khatra hai | हम को उम्र से ख़तरा ही ख़तरा है
- Meem Alif Shaz
हम
को
उम्र
से
ख़तरा
ही
ख़तरा
है
सिर
से
पैरों
तक
ज़ख़्मी
कर
देगी
- Meem Alif Shaz
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जो
नासमझ
हैं
उठाते
हैं
ज़िन्दगी
के
मज़े
समझने
वाले
तो
बस
उम्र
भर
समझते
हैं
Amit Bajaj
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तुम
मिलो
अब,
या
उम्र
भर
न
मिलो
फ़र्क़
पड़ता
था,अब
नहीं
पड़ता
A R Sahil "Aleeg"
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उम्र
भर
साँप
से
शर्मिंदा
रहे
ये
सुन
कर
जब
से
इंसान
को
काटा
है
तो
फन
दुखता
है
Munawwar Rana
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मिल
गए
थे
एक
बार
उस
के
जो
मेरे
लब
से
लब
उम्र
भर
होंटों
पे
अपने
मैं
ज़बाँ
फेरा
किया
Jurat Qalandar Bakhsh
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आप
से
बाद
बिछड़ने
के
खुला
ये
हम
पे
उम्र
तन्हा
ही
गुज़र
जाती,
तो
अच्छा
होता
Chandan Sharma
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एक
दिन
देखने
को
आ
जाते
ये
हवस
उम्र
भर
नहीं
होती
Ibn E Insha
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तर्जुबा
था
सो
दु'आ
की
के
नुकसान
ना
हो
इश्क़
मजदूर
को
मजदूरी
के
दौरान
ना
हो
मैं
उसे
देख
ना
पाता
था
परेशानी
में
सो
दु'आ
करता
था
मर
जाए
परेशान
ना
हो
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Afkar Alvi
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बनाओ
ताजमहल
के
ब-जाए
ताश
महल
तमाम
उम्र
मुहब्बत
करो
गिराओ
बनाओ
Charagh Sharma
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उम्र
से
मेरी
फ़नकारी
को
मत
आँको
उस्तादों
से
बेहतर
ग़ज़लें
कहता
हूँ
Harsh saxena
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चाह
थी
दो
जहाँ
की
मगर
देखिए
इक
गली
से
गुज़रता
रहा
उम्र
भर
Ashraf Jahangeer
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चराग़ों
मुस्कुराने
से
नहीं
डरना
हवा
से
हो
गई
है
अब
शनासाई
Meem Alif Shaz
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ठीक
है
उस
ने
देखा
नहीं
था
मगर
उस
को
तो
चुपके
से
ही
गुज़र
जाना
था
कब
तलक
रहता
दुनिया
की
रौनक़
में
वो
एक
दिन
तो
उसे
भी
यूँँ
मर
जाना
था
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Meem Alif Shaz
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जो
कहते
थे
ऐसे
होता
है
वैसे
होता
है
उन
से
पूछो
क्या
क़ब्र
में
कोई
ऐसे
सोता
है
Meem Alif Shaz
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ज़ुबाँ
से
सच
कहेगा
तो
रहेगा
ज़ुबाँ
पे
भी
दिलों
में
भी
सभी
के
Meem Alif Shaz
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नाम
से
मेरे
मुझ
को
बुलाने
लगे
जो
दवा
की
थी
उस
को
जताने
लगे
वक़्त
ऐसा
भी
आया
कि
जो
दोस्त
थे
मुफ़लिसी
में
वो
नज़रें
चुराने
लगे
वो
हमारी
बला
से
जिए
या
मरे
उसकी
चालाकी
बस
अब
ठिकाने
लगे
वो
तो
दुश्मन
थे
उनको
बुरा
क्या
कहें
आप
भी
हम
को
चूना
लगाने
लगे
छोड़
के
चल
दिए
वो
अचानक
हमें
जिस
मोहब्बत
में
हम
को
ज़माने
लगे
पंछियों
के
लिए
कुछ
किया
ही
नहीं
ठंड
आई
तो
लकड़ी
जलाने
लगे
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Meem Alif Shaz
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