agar ko aise na giraaya kar | ज़ुल्फ़ों को ऐसे न गिराया कर

  - Meem Alif Shaz
ज़ुल्फ़ोंकोऐसेगिरायाकर
बादलबनकेमुस्कुरायाकर
तेराभाईकुछहैतेराशायद
रिश्तोंकोमरनेसेबचायाकर
मुश्किलहै,जोहैपासमंज़िल
रुक-रुककरख़ुदकोथकायाकर
येतारेंयेमन्ज़रख़ुदाकेहैं
अपनेबच्चोंकोभीबतायाकर
येख़ामोशीअच्छीनहींहोंठोंपर
मेरीग़ज़लोंकोगुनगुनायाकर
शबमेंसजताहैचाँदमहबूबा
तूआँखोंमेंकाजललगायाकर
  - Meem Alif Shaz
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