us ke lafzon ke hai maani kis qadarjis kii aankhoñ men hai paani kis qadar | उस के लफ़्ज़ों के है मानी किस क़दर

  - Meem Alif Shaz
उसकेलफ़्ज़ोंकेहैमानीकिसक़दर
जिसकीआँखोंमेंहैपानीकिसक़दर
भूलजाताहूँमुझेजीनाभीहै
इश्क़मेंगुमहैजवानीकिसक़दर
मैंक़लंदरथामगरअबकुछनहीं
उसनेबदलीहैकहानीकिसक़दर
इसमेंतोपत्थरभीबहनेलगतेहैं
इसमोहब्बतमेंरवानीकिसक़दर
अपनेक़दमोंकोज़मींपररखलेशाज़
ज़िंदगीतेरीहैफ़ानीकिसक़दर
  - Meem Alif Shaz
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