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Meem Alif Shaz
log mujh ko parkhne aa.e the
log mujh ko parkhne aa.e the | लोग मुझ को परखने आए थे
- Meem Alif Shaz
लोग
मुझ
को
परखने
आए
थे
साथ
अपने
गुलाब
लाए
थे
ज़िंदगी
के
फटे
हुए
पन्ने
साज़िशों
ने
बहुत
जलाए
थे
मेरी
हर
बात
तो
ग़लत
निकली
लोग
सच
भी
ख़रीद
लाए
थे
याद
आता
नहीं
तिरा
चेहरा
इस
क़दर
तुझ
को
हम
भुलाए
थे
इश्क़
होते
ही
जब
मिले
थे
हम
चाँद
के
नीचे
ग़म
सजाए
थे
अपने
ही
घर
में
गैर
थे
हम
भी
जब
से
ग़ुर्बत
में
हम
भी
आए
थे
दूर
तक
आग
फैली
थी
लेकिन
सारे
सफ़्फ़ाक
आग
लाए
थे
- Meem Alif Shaz
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बड़ी
मुश्किल
से
नीचे
बैठते
हैं
जो
तेरे
साथ
उठते
बैठते
हैं
Khurram Afaq
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तुम्हारे
बाद
ये
दुख
भी
तो
सहना
पड़
रहा
है
किसी
के
साथ
मजबूरी
में
रहना
पड़
रहा
है
Ali Zaryoun
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साथ
में
तू
मेरे
दो
गाम
तो
चल
सकता
है
इतना
चलने
से
मेरा
काम
तो
चल
सकता
है
तेरे
दिल
में
किसी
शायर
की
जगह
तो
होगी
इस
इलाके
में
मेरा
नाम
तो
चल
सकता
है
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Ashu Mishra
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मेरे
साथ
हँसने
वालों
शरीक
हों
दुख
में
गर
गुलाब
की
ख़्वाहिश
है
तो
चूम
काँटों
को
Neeraj Neer
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जो
न
खेली
होली
'अमृत'
के
साथ
में
हाथों
में
दीवाली
तक
गुलाल
रहेगा
Amritanshu Sharma
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जाने
अब
वो
किसके
साथ
निकलता
होगा
रातों
को
जाने
कौन
लगाता
होगा
दो
घंटे
तैयारी
में
Danish Naqvi
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मैं
जंगलों
की
तरफ़
चल
पड़ा
हूँ
छोड़
के
घर
ये
क्या
कि
घर
की
उदासी
भी
साथ
हो
गई
है
Tehzeeb Hafi
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वो
रातें
चाँद
के
साथ
गईं
वो
बातें
चाँद
के
साथ
गईं
अब
सुख
के
सपने
क्या
देखें
जब
दुख
का
सूरज
सर
पर
हो
Ibn E Insha
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अब
साथ
नहीं
है
भी
तो
शिकवा
नहीं
'अख़्तर'
एहसान
भी
मुझ
पर
मिरे
भाई
के
बहुत
थे
Majeed Akhtar
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हम
ऐसे
लोग
भी
जाने
कहाँ
से
आते
हैं
ख़ुशी
में
रोते
हैं
जो
ग़म
में
मुस्कुराते
हैं
हमारा
साथ
भला
कब
तलक
निभाते
आप
कभी
कभी
तो
हमीं
ख़ुद
से
ऊब
जाते
हैं
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Mohit Dixit
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मुसलसल
कोई
घाइल
तो
नहीं
है
मगर
जो
आज
है
कल
तो
नहीं
है
तुझे
गर
सब
बुरा
कहते
हैं
तो
सोच
ज़माना
यूँँही
पागल
तो
नहीं
है
मिला
है
ग़म
तो
थोड़ा
सब्र
भी
कर
अँधेरा
यह
मुसलसल
तो
नहीं
है
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Meem Alif Shaz
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अपनी
हर
तमन्ना
तोड़
के
मैं
आया
हूँ
यहाँ
जीने
का
तरीक़ा
आज
ढूँढ़
लाया
हूँ
यहाँ
अब्र
की
तरह
निकलता
हूँ
मैं
सहरा
के
लिए
हर
किसी
की
ज़िन्दगी
का
अर्शपाया
हूँ
यहाँ
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Meem Alif Shaz
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ज़माने
बाद
फिर
ऑंखें
हुई
हैं
नम
तिरा
वा'दा
मिला
है
मुझ
को
काग़ज़
में
Meem Alif Shaz
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यह
दुनिया
जब
तुम
को
डराने
लग
जाए
एक
समुंदर
को
उस्ताद
बना
लेना
Meem Alif Shaz
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मोहब्बत
ख़ानक़ाहों
में
बुलाले
जहाँ
से
हम
को
अब
तक
क्या
मिला
है
Meem Alif Shaz
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