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Meem Alif Shaz
ham ko nahin nahin rehta hai khyaal apna
ham ko nahin nahin rehta hai khyaal apna | हम को नहीं नहीं रहता है ख़्याल अपना
- Meem Alif Shaz
हम
को
नहीं
नहीं
रहता
है
ख़्याल
अपना
तुम
पास
ही
रखो
अपने
यह
सवाल
अपना
क्यूँ
आ
गए
यहाँ
अपने
दर्द
को
बुझाने
हम
भी
तड़प
रहे
थे
है
ऐसा
हाल
अपना
तुम
को
यक़ीन
जब
आता
नहीं
तो
फिर
तुम
लो
देख
लो
बहुत
गीला
है
रुमाल
अपना
हाँ
देख
कर
नहीं
लगता
दर्द
भी
था
हम
को
तुम
को
नहीं
लगेगा
यह
है
कमाल
अपना
- Meem Alif Shaz
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बन
कर
कसक
चुभती
रही
दिल
में
मिरे
इक
आह
थी
ऐ
हम–नफ़स
मेरे
मुझे
तुझ
सेे
वफ़ा
की
चाह
थी
Dhiraj Singh 'Tahammul'
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बड़ी
जल्दी
में
था
उस
दिन
ज़रा
बेचैन
भी
था
वो
उसे
कहना
था
कुछ
मुझ
सेे
मगर
वो
कह
नहीं
पाया
Varun Anand
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उसको
नंबर
देके
मेरी
और
उलझन
बढ़
गई
फोन
की
घंटी
बजी
और
दिल
की
धड़कन
बढ़
गई
Ana Qasmi
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मेरे
महबूब
मत
बेचैन
होना
तेरे
क़ासिद
ने
ख़त
पहुँचा
दिया
है
Shajar Abbas
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ऐ
दिल
की
ख़लिश
चल
यूँँही
सही
चलता
तो
हूँ
उन
की
महफ़िल
में
उस
वक़्त
मुझे
चौंका
देना
जब
रंग
पे
महफ़िल
आ
जाए
Behzad Lakhnavi
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न
हुआ
नसीब
क़रार-ए-जाँ
हवस-ए-क़रार
भी
अब
नहीं
तिरा
इंतिज़ार
बहुत
किया
तिरा
इंतिज़ार
भी
अब
नहीं
तुझे
क्या
ख़बर
मह-ओ-साल
ने
हमें
कैसे
ज़ख़्म
दिए
यहाँ
तिरी
यादगार
थी
इक
ख़लिश
तिरी
यादगार
भी
अब
नहीं
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Jaun Elia
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तड़पना
हिज्र
तक
सीमित
नहीं
है
उसे
दुल्हन
भी
बनते
देखना
है
Anand Verma
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बेचैन
फिरता
हूँ
मैं
अक्सर
ख़्वाब
में
होती
नहीं
आबाद
मेरी
नींद
भी
Piyush Mishra 'Aab'
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अब
शहर
की
थकावट
बेचैन
कर
रही
है
अब
शाम
हो
गई
है
चल
माँ
से
बात
कर
लें
Akash Rajpoot
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न
आया
ग़म
भी
मोहब्बत
में
साज़गार
मुझे
वो
ख़ुद
तड़प
गए
देखा
जो
बे-क़रार
मुझे
Asad Bhopali
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अगर
तू
मिल
न
पाती
तो
क्या
होता
तिरी
तस्वीर
से
ही
दिल
लगाते
Meem Alif Shaz
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दोस्ती
में
सज़ा
की
तमन्ना
न
कर
मेरे
ज़ख़्मों
का
इतना
तमाशा
न
कर
मैं
अगर
गिर
गया
हूँ
बहुत
ज़ोर
से
तूने
मुझ
को
गिराया
है
दावा
न
कर
कल
मिले
थे
गले
भी
लगे
थे
सनम
सुब्ह
होते
ही
फिर
से
तक़ाज़ा
न
कर
आज
साया
है
कल
धूप
होगी
वहाँ
अपने
साए
का
ऐसा
तमाशा
न
कर
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Meem Alif Shaz
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अपनी
इक
शाम
भी
दे
गया
है
मुझे
ज़ख़्मों
का
बाम
भी
दे
गया
है
मुझे
मैंने
तो
अपनी
पहचान
ही
माँगी
थी
अपना
वो
नाम
भी
दे
गया
है
मुझे
इस
नए
दौर
में
हक़
दिला
के
मिरा
यादों
का
जाम
भी
दे
गया
है
मुझे
उर्दू
का
ख़ूब-सूरत
दिखा
के
बदन
इश्क़
का
काम
भी
दे
गया
है
मुझे
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Meem Alif Shaz
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भूलना
भी
अगर
हुनर
होता
ज़िन्दगी
हम
तुझे
भुला
देते
Meem Alif Shaz
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तुम
ने
उस
की
सिर्फ़
आँखों
को
बनाया
हम
ने
उन
में
ख़ूब
काजल
भी
लगाया
Meem Alif Shaz
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