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Meem Alif Shaz
badi khaamosh hain kal se hawaaein
badi khaamosh hain kal se hawaaein | बड़ी ख़ामोश हैं कल से हवाएँ
- Meem Alif Shaz
बड़ी
ख़ामोश
हैं
कल
से
हवाएँ
बदलने
वाली
हैं
शायद
फ़ज़ाएँ
परिंदे
हो
रहें
हैं
सच
में
बेघर
कहीं
तो
कुछ
शजर
हम
भी
लगाएँ
तुम्हारी
रातें
कट
जाएँगी
लेकिन
गरीबों
को
नहीं
मिलती
दवाएँ
अगर
तुम
बे-वफ़ा
हो
तो
यक़ीनन
तुम्हारा
इश्क़
लाएगा
बलाएँ
नहीं
छोड़ी
अभी
सिगरेट
तुम
ने
चलो
हम
ही
तुम्हें
फिर
भूल
जाएँ
हमारा
ज़ख़्म
ताज़ा
है
अभी
तक
मगर
कोई
नहीं
सुनता
सदाएँ
- Meem Alif Shaz
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जो
सारे
ज़ख़्म
मेरे
भर
दिया
करता
उसी
के
नाम
का
ख़ंजर
बनाया
है
Parul Singh "Noor"
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ये
तो
बढ़ती
ही
चली
जाती
है
मीआद-ए-सितम
ज़ुज़
हरीफ़ान-ए-सितम
किस
को
पुकारा
जाए
वक़्त
ने
एक
ही
नुक्ता
तो
किया
है
तालीम
हाकिम-ए-वक़त
को
मसनद
से
उतारा
जाए
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Jaun Elia
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दिल
बना
दोस्त
तो
क्या
क्या
न
सितम
उस
ने
किए
हम
भी
नादां
थे
निभाते
रहे
नादान
के
साथ
Shakeel Badayuni
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जब
भी
उस
कूचे
में
जाना
पड़ता
है
ज़ख़्मों
पर
तेज़ाब
लगाना
पड़ता
है
उसके
घर
से
दूर
नहीं
है
मेरा
घर
रस्ते
में
पर
एक
ज़माना
पड़ता
है
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Subhan Asad
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चोट
खाई
थी
एक
बार
मगर
उम्र
भर
को
बिखर
गए
हैं
हम
Munazzah Noor
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सारी
दुनिया
के
ग़म
हमारे
हैं
और
सितम
ये
कि
हम
तुम्हारे
हैं
Jaun Elia
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यूँँ
बे-तरतीब
ज़ख़्मों
ने
बताया
राज़
क़ातिल
का
सलीके
से
जो
मेरा
क़त्ल
गर
होता
तो
क्या
होता
Vikram Gaur Vairagi
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किस
ने
हमारे
शहर
पे
मारी
है
रौशनी
हर
इक
मकाँ
के
ज़ख़्म
से
जारी
है
रौशनी
Nomaan Shauque
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रोने
को
तो
ज़िंदगी
पड़ी
है
कुछ
तेरे
सितम
पे
मुस्कुरा
लें
Firaq Gorakhpuri
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है
ये
कैसा
सितम
मौला
ये
हैं
दुश्वारियाँ
कैसी
जहाँ
पर
रोना
था
हमको
वहीं
पर
मुस्कुराना
है
Aqib khan
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इश्क़
से
पहले
ही
इंकार
किया
है
उसने
बे-वफ़ा
होने
का
इक़रार
किया
है
उसने
रोज़
शॉपिंग
से
मुझे
हो
ही
गया
है
मालूम
मेरी
दौलत
के
लिए
प्यार
किया
है
उसने
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Meem Alif Shaz
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अचानक
से
चले
जाते
हैं
जो
कुछ
लोग
बहारों
में
ख़िज़ाँ
को
छोड़
जाते
हैं
Meem Alif Shaz
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हम
मरने
से
पहले
सोना
ख़ूब
जमा
करते
हैं
मौत
के
आते
ही
सब
क़ब्र
को
मिट्टी
से
भरते
हैं
Meem Alif Shaz
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तुम
भी,
तुम
भी
थे
उस
साज़िश
में
शामिल
अच्छा
है,
बेअहदी
में
हो
गए
कामिल
Meem Alif Shaz
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हवा
किस
ने
चला
दी
मेरे
घर
में
दियों
का
रहना
मुश्किल
हो
गया
है
Meem Alif Shaz
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