करोड़ों लोग जितना सोचते हैं

  - Jaffer Imam
करोड़ोंलोगजितनासोचतेहैं
तुझेहमउतनातन्हासोचतेहैं
ग़रीबोंकाअलगमस्लकहैसाहब
येहरभूखेकोअपनासोचतेहैं
तुमउनसेेपूछनामौक़ामिलेतो
हमारेबारेमेंक्यासोचतेहैं
उसेनाबोलनाआतानहींथा
वोकहदेतीथीअच्छासोचतेहैं
हरइकझगड़ेकीजड़येमसअलाहै
किहमसबख़ुदकोअच्छासोचतेहैं
तोफिरयेरिश्वतेंलेनीपड़ेंगी
अगरहमअपनेघरकासोचतेहैं
तुमउनकीबातमेंमतआओलड़की
वोसबकोअपनेजैसासोचतेहैं
असलमेंमौतहैआग़ाज़अपना
मगरहमलोगउल्टासोचतेहैं
निकलआएहैंहमरोज़-ए-जज़ासे
चलोअबअपना-अपनासोचतेहैं
  - Jaffer Imam
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