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jaani Aggarwal taak
tiri galiyaan tire qasbe ko aa.e hain
tiri galiyaan tire qasbe ko aa.e hain | तिरी गलियाँ तिरे क़स्बे को आए हैं
- jaani Aggarwal taak
तिरी
गलियाँ
तिरे
क़स्बे
को
आए
हैं
इक
अरसे
बाद
इस
रस्ते
को
आए
हैं
जो
धुँदली
हो
गईं
हैं
ज़र्द
के
मारे
उन्हीं
यादों
से
हम
मिलने
को
आए
हैं
- jaani Aggarwal taak
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क्या
सितम
है
कि
अब
तिरी
सूरत
ग़ौर
करने
पे
याद
आती
है
Jaun Elia
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ख़ुद
को
मसरूफ़
किए
रखने
की
कोशिश
करना
क्या
तेरी
याद
के
ज़ुमरे
में
नहीं
आता
है
Jawwad Sheikh
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हम
हार
गए
तुम
जीत
गए
हम
ने
खोया
तुम
ने
पाया
इन
छोटी
छोटी
बातों
का
हम
कोई
ख़याल
नहीं
करते
Wali Aasi
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उदासी
का
सबब
दो
चार
ग़म
होते
तो
कह
देता
फ़ुलाँ
को
भूल
बैठा
हूँ
फ़ुलाँ
की
याद
आती
है
Ashu Mishra
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उस
की
यादों
की
काई
पर
अब
तो
ज़िंदगी-भर
मुझे
फिसलना
है
Siraj Faisal Khan
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तिरा
ख़याल
बहुत
देर
तक
नहीं
रहता
कोई
मलाल
बहुत
देर
तक
नहीं
रहता
उदास
करती
है
अक्सर
तुम्हारी
याद
मुझे
मगर
ये
हाल
बहुत
देर
तक
नहीं
रहता
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Noon Meem Danish
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जिस
रात
ख़ुद-कुशी
के
मुझे
आए
थे
ख़याल
उस
रात
मैंने
शे'र
कहे
और
सो
गया
Tanoj Dadhich
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मुद्दतें
हो
गईं
बिछड़े
हुए
तुम
से
लेकिन
आज
तक
दिल
से
मिरे
याद
तुम्हारी
न
गई
Akhtar Shirani
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इक
कली
की
पलकों
पर
सर्द
धूप
ठहरी
थी
इश्क़
का
महीना
था
हुस्न
की
दुपहरी
थी
ख़्वाब
याद
आते
हैं
और
फिर
डराते
हैं
जागना
बताता
है
नींद
कितनी
गहरी
थी
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Vikram Gaur Vairagi
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तुम्हारी
याद
के
दो
चार
सिक्के
हज़ारों
बार
दिन
में
गिन
रहा
हूँ
Umesh Maurya
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तुम
कैसे
हर
बार
हदों
को
कर
देते
हो
पार
हदों
को
माना
इश्क़
बुरा
होता
है
बस
में
रक्खो
यार
हदों
को
आशिक़
ग़ुस्से
में
कहता
है
बिलकुल
ही
बेकार
हदों
को
मैं
तो
हूँ
आज़ाद
परिंदा
माने
ये
संसार
हदों
को
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jaani Aggarwal taak
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एक
तो
वो
शराब
दे
रहे
हैं
और
फिर
बे
हिसाब
दे
रहे
हैं
मेरे
साक़ी
ने
मुँह
बना
के
कहा
थोड़ा
ठहरो
जनाब
दे
रहे
हैं
मेरी
हिम्मत
भी
पस्त
हो
रही
है
मेरे
घुटने
जवाब
दे
रहे
हैं
शौक़
मेरा
मुझे
ले
डूबेगा
इक
बला
को
गुलाब
दे
रहे
हैं
इतने
अच्छे
भी
लोग
होते
हैं
क्या
संग
मय
के
शबाब
दे
रहे
हैं
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jaani Aggarwal taak
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मुझे
भी
घर
बसाना
चाहिए
था
किसी
से
दिल
लगाना
चाहिए
था
कई
बारी
किया
इज़हार
उसने
मुझे
भी
मान
जाना
चाहिए
था
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jaani Aggarwal taak
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दिलकशों
से
न
दिल-लगी
होगी
एक
के
नाम
ज़िन्दगी
होगी
हर
दफ़ा
सोचता
हूँ
क्या
वो
भी
मेरे
जैसा
ही
सोचती
होगी
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jaani Aggarwal taak
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मैं
उसको
भूलता
ही
जा
रहा
हूँ
जो
मुझको
याद
आना
चाहिए
था
jaani Aggarwal taak
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