hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
jaani Aggarwal taak
mujhko yaadon men har ghadi dikhti
mujhko yaadon men har ghadi dikhti | मुझको यादों में हर घड़ी दिखती,
- jaani Aggarwal taak
मुझको
यादों
में
हर
घड़ी
दिखती,
फर्श
पर
लाश
इक
पड़ी
दिखती,
आइना
जब
भी
देखता
हूँ
मैं,
वो
मिरे
साथ
में
खड़ी
दिखती
- jaani Aggarwal taak
Download Sher Image
यूँँ
देखते
रहना
उसे
अच्छा
नहीं
'मोहसिन'
वो
काँच
का
पैकर
है
तो
पत्थर
तिरी
आँखें
Mohsin Naqvi
Send
Download Image
35 Likes
मैं
तो
'मुनीर'
आईने
में
ख़ुद
को
तक
कर
हैरान
हुआ
ये
चेहरा
कुछ
और
तरह
था
पहले
किसी
ज़माने
में
Muneer Niyazi
Send
Download Image
30 Likes
एक
आईना
रू-ब-रू
है
अभी
उस
की
ख़ुश्बू
से
गुफ़्तुगू
है
अभी
Ada Jafarey
Send
Download Image
24 Likes
चाहे
सोने
के
फ़्रेम
में
जड़
दो
आइना
झूट
बोलता
ही
नहीं
Krishna Bihari Noor
Send
Download Image
30 Likes
घूमता
रहता
है
हर
वक़्त
मेरी
आँखों
में
एक
चेहरा
जो
कई
साल
से
देखा
भी
नहीं
Riyaz Tariq
Send
Download Image
34 Likes
कोई
चेहरा
किसी
को
उम्र
भर
अच्छा
नहीं
लगता
हसीं
है
चाँद
भी,
शब
भर
मगर
अच्छा
नहीं
लगता
Munawwar Rana
Send
Download Image
45 Likes
अच्छे
हो
कर
लौट
गए
सब
घर
लेकिन
मौत
का
चेहरा
याद
रहा
बीमारों
को
Shariq Kaifi
Send
Download Image
44 Likes
हम
ऐसों
को
बना
कर
के
ख़ुदा
उकता
गया
था
फिर
तेरी
आँखें
बना
डाली
तेरा
चेहरा
बना
डाला
Ankit Maurya
Send
Download Image
46 Likes
वो
एक
ही
चेहरा
तो
नहीं
सारे
जहाँ
में
जो
दूर
है
वो
दिल
से
उतर
क्यूँँ
नहीं
जाता
Nida Fazli
Send
Download Image
51 Likes
रोना
हो
आसान
हमारा
इतना
कर
नुक़्सान
हमारा
बात
नहीं
करनी
तो
मत
कर
चेहरा
तो
पहचान
हमारा
Read Full
Shariq Kaifi
Send
Download Image
55 Likes
Read More
बना
तुमको
समुंदर,
मैं
किनारा
हो
गया
हूँ
मिरे
तुम
हो
नहीं
पर
मैं
तुम्हारा
हो
गया
हूँ
jaani Aggarwal taak
Send
Download Image
1 Like
है
परेशानी
मगर
अब
क्या
करें,
रास्ते
में
हैं
ख़बर
अब
क्या
करें
घर
पे
बैठी
कर
रही
वो
इंतिजार
हो
रही
बेचैन
पर
अब
क्या
करें
Read Full
jaani Aggarwal taak
Send
Download Image
1 Like
न
जाने
तुमने
कितने
घर
उजाड़े
काट
के
जंगल
किसी
को
कर
के
बे
घर
कैसे
घर
अपना
बनाते
हो
jaani Aggarwal taak
Send
Download Image
0 Likes
हवाओं
की
तरह
घेरे
रहोगे
तुम
भला
हम
से
जुदा
कैसे
रहोगे
तुम
ये
पहली
मर्तबा
मैं
जान
पाया
हूँ
हमेशा
ज़ख़्म
इक
गहरे
रहोगे
तुम
Read Full
jaani Aggarwal taak
Send
Download Image
0 Likes
हुस्न-कारी
की
बात
करता
है
बे-क़रारी
की
बात
करता
है
वो
जो
है
बावला
मुहब्बत
में
उस
भिखारी
की
बात
करता
है
जान
जाती
है
बे-ज़ुबाँ
की
पर
जग
शिकारी
की
बात
करता
है
मुझ
को
सीधा
समझ
के
हर
कोई
होशियारी
की
बात
करता
है
हाथ
लेकर
के
मेरा
हाथों
में
दुनियादारी
की
बात
करता
है
मुस्कुरा
कर
के
बाप
बच्चों
से
ज़िम्मेदारी
की
बात
करता
है
Read Full
jaani Aggarwal taak
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Muflisi Shayari
Hunar Shayari
Chehra Shayari
Urdu Shayari
Mohabbat Shayari