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jaani Aggarwal taak
mira mahboob kitna bewafa hai
mira mahboob kitna bewafa hai | मिरा महबूब कितना बे-वफ़ा है
- jaani Aggarwal taak
मिरा
महबूब
कितना
बे-वफ़ा
है
मुझी
पे
वार
करने
जा
रहा
है
बड़ा
पछताएगा
इक
रोज़
जानी
फिर
उस
सेे
प्यार
करने
जा
रहा
है
- jaani Aggarwal taak
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इतनी
मिलती
है
मिरी
ग़ज़लों
से
सूरत
तेरी
लोग
तुझ
को
मिरा
महबूब
समझते
होंगे
Bashir Badr
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न
खाओ
क़स
में
वग़ैरा
न
अश्क
ज़ाया'
करो
तुम्हें
पता
है
मेरी
जान
हक़-पज़ीर
हूँ
मैं
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Amaan Haider
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मेरी
ही
जान
के
दुश्मन
हैं
नसीहत
वाले
मुझ
को
समझाते
हैं
उन
को
नहीं
समझाते
हैं
Lala Madhav Ram Jauhar
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अभी
तो
जान
कहता
फिर
रहा
है
तू
तुझे
हम
हिज्र
वाले
साल
पूछेंगे
Parul Singh "Noor"
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कहाँ
तक
साथ
दोगी
तुम
हमारा
सनम
जावेदाँ
है
यह
ग़म
हमारा
Avtar Singh Jasser
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ये
जो
है
फूल
हथेली
पे
इसे
फूल
न
जान
मेरा
दिल
जिस्म
से
बाहर
भी
तो
हो
सकता
है
Abbas Tabish
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ये
हक़ीक़त
है,
मज़हका
नहीं
है
वो
बहुत
दूर
है,
जुदा
नहीं
है
तेरे
होंटों
पे
रक़्स
करता
है
राज़
जो
अब
तलक
खुला
नहीं
है
जान
ए
जांँ
तेरे
हुस्न
के
आगे
ये
जो
शीशा
है,
आइना
नहीं
है
क्यूँ
शराबोर
हो
पसीने
में
मैं
ने
बोसा
अभी
लिया
नहीं
है
उस
का
पिंदार
भी
वहीं
का
वहीं
मेरे
लब
पर
भी
इल्तेजा
नहीं
है
जो
भी
होना
था
हो
चुका
काज़िम
अब
किसी
से
हमें
गिला
नहीं
है
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Kazim Rizvi
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ये
तेरे
ख़त
ये
तेरी
ख़ुशबू
ये
तेरे
ख़्वाब-ओ-ख़याल
मता-ए-जाँ
हैं
तेरे
कौल
और
क़सम
की
तरह
गुज़िश्ता
साल
मैंने
इन्हें
गिनकर
रक्खा
था
किसी
ग़रीब
की
जोड़ी
हुई
रक़म
की
तरह
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Jaun Elia
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एक
नया
'आशिक़
है
उसका,
जान
छिड़कता
है
उसपर
मुझको
डर
है
वो
भी
इक
दिन
मय-ख़ाने
से
निकलेगा
Siddharth Saaz
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अजीब
हालत
है
जिस्म-ओ-जाँ
की
हज़ार
पहलू
बदल
रहा
हूँ
वो
मेरे
अंदर
उतर
गया
है
मैं
ख़ुद
से
बाहर
निकल
रहा
हूँ
Azm Shakri
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हम
ग़म
से
भी
तो
आज
इसी
चाह
में
मिले
बिछड़ा
था
जो
कभी
वो
किसी
राह
में
मिले
jaani Aggarwal taak
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न
जाने
तुमने
कितने
घर
उजाड़े
काट
के
जंगल
किसी
को
कर
के
बे
घर
कैसे
घर
अपना
बनाते
हो
jaani Aggarwal taak
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दर्द
अपना
तुम्हें
सुनाऊँ
क्या
एक
आँसू
नहीं
बहाऊँ
क्या
बाँह
में
बाँह
डाले
बैठे
थे
ऐसा
इक
झूठ
था
बताऊँ
क्या
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jaani Aggarwal taak
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मैंने
सहरा
की
प्यास
देखी
है
उसकी
आँखें
उदास
देखी
है
और
तो
कुछ
नहीं
किया
हमने
हाँ
मगर
उसकी
आस
देखी
है
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jaani Aggarwal taak
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नहीं
इस
ज़िन्दगी
में
कुछ
नया
गुज़रा
वही
सब
चल
रहा
था
कुछ
गया
गुज़रा
jaani Aggarwal taak
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