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jaani Aggarwal taak
ban sanwar ke darmiyaañ jab aayi tum
ban sanwar ke darmiyaañ jab aayi tum | बन सँवर के दरमियाँ जब आई तुम
- jaani Aggarwal taak
बन
सँवर
के
दरमियाँ
जब
आई
तुम
फिर
नज़र
तुमको
हमारी
लग
गई
- jaani Aggarwal taak
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तिलिस्म-ए-यार
ये
पहलू
निकाल
लेता
है
कि
पत्थरों
से
भी
ख़ुशबू
निकाल
लेता
है
है
बे-लिहाज़
कुछ
ऐसा
की
आँख
लगते
ही
वो
सर
के
नीचे
से
बाजू
निकाल
लेता
है
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Tehzeeb Hafi
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मैंने
बस
इतना
पूछा
था
क्या
देखते
हो
भला
मैंने
ये
कब
कहा
था
मुझे
देखना
छोड़
दो
गीली
मिट्टी
की
ख़ुशबू
मुझे
सोने
देती
नहीं
मेरे
बालों
में
तुम
उँगलियाँ
फेरना
छोड़
दो
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Tajdeed Qaiser
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सुखा
ली
सबने
ही
आँखें
हवा
ए
ज़िन्दगी
से
यहाँ
अब
भी
वही
रोना
रुलाना
चल
रहा
है
Farhat Ehsaas
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नज़र
आए
न
तू
जिनको
परेशानी
से
मरते
हैं
जो
तुझको
देख
लेते
हैं
वो
हैरानी
से
मरते
हैं
Varun Anand
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वक़्त,
वफ़ा,
हक़,
आँसू,
शिकवे
जाने
क्या
क्या
माँग
रहे
थे
एक
सहूलत
के
रिश्ते
से
हम
ही
ज़्यादा
माँग
रहे
थे
उसकी
आँखें
उसकी
बातें
उसके
लब
वो
चेहरा
उसका
हम
उसकी
हर
एक
अदास
अपना
हिस्सा
माँग
रहे
थे
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Shikha Pachouly
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तेरी
निगाह-ए-नाज़
से
छूटे
हुए
दरख़्त
मर
जाएँ
क्या
करें
बता
सूखे
हुए
दरख़्त
हैरत
है
पेड़
नीम
के
देने
लगे
हैं
आम
पगला
गए
हैं
आपके
चू
में
हुए
दरख़्त
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Varun Anand
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शाम
थी
हिज्र
की
हाल
मत
पूछना
आँख
थकने
लगे
तो
जिगर
रो
पड़े
Piyush Mishra 'Aab'
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सब
लोग
जिधर
वो
हैं
उधर
देख
रहे
हैं
हम
देखने
वालों
की
नज़र
देख
रहे
हैं
Dagh Dehlvi
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मेरी
नींदें
उड़ा
रक्खी
है
तुम
ने
ये
कैसे
ख़्वाब
दिखलाती
हो
जानाँ
किसी
दिन
देखना
मर
जाऊँगा
मैं
मेरी
क़स
में
बहुत
खाती
हो
जानाँ
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Subhan Asad
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इक
शख़्स
मेरे
घर
पे
नमाज़ों
में
है
लगा
जो
चाहता
है
देखना
अच्छाइयों
के
दिन
Aqib khan
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डर
नहीं
है
मुझे
मगर
फिर
भी
तू
जो
ओझल
हो
काँप
उठ
ता
हूँ
jaani Aggarwal taak
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मैंने
सहरा
की
प्यास
देखी
है
उसकी
आँखें
उदास
देखी
है
और
तो
कुछ
नहीं
किया
हमने
हाँ
मगर
उसकी
आस
देखी
है
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jaani Aggarwal taak
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मैं
तुझे
खो
कर
के
सब
कुछ
खो
चुका
क्या
बताऊँ
कितना
तन्हा
हो
चुका
अब
ज़रा
भी
आँख
नम
होती
नहीं
जितना
रोना
था
मुझे
मैं
रो
चुका
अब
भला
पछताए
क्या
होगा
यहाँ
कहते
हैं
जो
हो
चुका
सो
हो
चुका
बौखलाया
सा
हुआ
लड़का
भी
अब
माँ
तिरे
आँचल
में
आकर
सो
चुका
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jaani Aggarwal taak
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कभी
तो
दिया
था
सहारा
किसी
ने
न
मुड़कर
के
देखा
दुबारा
किसी
ने
jaani Aggarwal taak
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मैं
भी
चालाक
होने
वाला
हूँ
यानी
नापाक
होने
वाला
हूँ
सिगरेटों
की
तरह
धुआँ
करके
मैं
भी
अब
ख़ाक
होने
वाला
हूँ
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jaani Aggarwal taak
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