वक़्तनेयूँँसतायामुझेजानेमन
कशमकशमेंमेरीज़िन्दगानीरही
हुस्नपरनाजकरनेउसेदोअभी
उम्रभरकबकिसीकीजवानीरही
क्यारहा,कुछनहीं,औरदिलमेंमेरे
तूरहीऔतेरीकुछनिशानीरही
कबहुईक्याख़तासोचतामैंयही
दूरक़िस्मतसेक्यूँशादमानीरही
मैंदग़ाखाकेभीनासमझहीरहा
औरदग़ादेकेभीतूसयानीरही
कौनकबजख़्मकितनेदेजातेरहे
यादसबकुछमुझेमुँहज़बानीरही
पासजबतकमेरेथामेराचाँदवो
चाँदनीभीमेरीनौकरानीरही