wali ke lahu ki ravaani ghazal hai | वली के लहू की रवानी ग़ज़ल है

  - Chandan Sharma
वलीकेलहूकीरवानीग़ज़लहै
किसीनाज़नींकीजवानीग़ज़लहै
कईमिसरोंकेसाथवोरहनेवाली
कईमर्दोंकीइकज़नानीग़ज़लहै
मोहब्बत,उक़ूबत,तिज़ारतशिकायत
हक़ीक़तभीहैऔरकहानीग़ज़लहै
हैइकरब्तलफ़्ज़ोंकालफ़्ज़ोंसेऔरक्या
सलीकेसेजिसकोनिभानीग़ज़लहै
मुहब्बतमेंमिलतेहैंजानेकईजख़्म
उन्हींज़ख़्मोंकीइकनिशानीग़ज़लहै
तिराजिक़्रमहफ़िलमेंछेड़ाथामैंने
सभीनेकहाक्यासुहानीग़ज़लहै
तिरेहोठमिसरेबदनबह्रहैऔर
तिरीयेनिगाहेंमआनीग़ज़लहै
वोजिसशह्रमेंरहताहैइश्क़मेरा
वहाँकीहवाऔरपानीग़ज़लहै
चुरायाहैजिसलड़कीनेदिलमिरावो
बड़ीख़ूब-सूरतसयानीग़ज़लहै
ज़बाँकहनहींसकतीजोबातें"जाज़िब"
उन्हेंख़ामुशीमेंबतानीग़ज़लहै
  - Chandan Sharma
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