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Irshad Siddique "Shibu"
baap ka sar se jo saaya kya utha
baap ka sar se jo saaya kya utha | बाप का सर से जो साया क्या उठा
- Irshad Siddique "Shibu"
बाप
का
सर
से
जो
साया
क्या
उठा
ग़म
के
साए
हक़
जताने
लग
गए
- Irshad Siddique "Shibu"
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निगाह-ए-गर्म
क्रिसमस
में
भी
रही
हम
पर
हमारे
हक़
में
दिसम्बर
भी
माह-ए-जून
हुआ
Akbar Allahabadi
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फिर
नए
साल
की
सरहद
पे
खड़े
हैं
हम
लोग
राख
हो
जाएगा
ये
साल
भी
हैरत
कैसी
Aziz Nabeel
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उस
मुल्क
की
सरहद
को
कोई
छू
नहीं
सकता
जिस
मुल्क
की
सरहद
की
निगहबान
हैं
आँखें
Unknown
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इंक़लाब
आएगा
रफ़्तार
से
मायूस
न
हो
बहुत
आहिस्ता
नहीं
है
जो
बहुत
तेज़
नहीं
Ali Sardar Jafri
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तो
डर
रहे
हैं
आप
कहीं
हक़
न
माँग
ले
यानी
कि
सबको
खौफ़
है
औरत
के
नाम
से
Abhishar Geeta Shukla
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यूँँ
ही
थोड़ी
मेरी
गज़लों
में
इतना
दुख
होता
है
इस
दुनिया
ने
हम
लड़कों
से
रोने
का
हक़
छीना
है
Harsh saxena
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ये
मैंने
कब
कहा
कि
मेरे
हक़
में
फ़ैसला
करे
अगर
वो
मुझ
से
ख़ुश
नहीं
है
तो
मुझे
जुदा
करे
मैं
उसके
साथ
जिस
तरह
गुज़ारता
हूँ
ज़िंदगी
उसे
तो
चाहिए
कि
मेरा
शुक्रिया
अदा
करे
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Tehzeeb Hafi
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मैं
ख़ुद
भी
यार
तुझे
भूलने
के
हक़
में
हूँ
मगर
जो
बीच
में
कम-बख़्त
शा'इरी
है
ना
Afzal Khan
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किसी
बे-वफ़ा
से
बिछड़
के
तू
मुझे
मिल
गया
भी
तो
क्या
हुआ
मेरे
हक़
में
वो
भी
बुरा
हुआ
मेरे
हक़
में
ये
भी
बुरा
हुआ
Mumtaz Naseem
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कम
अज़
कम
इक
ज़माना
चाहता
हूँ
कि
तुम
को
भूल
जाना
चाहता
हूँ
ख़ुदारा
मुझ
को
तन्हा
छोड़
दीजे
मैं
खुल
कर
मुस्कुराना
चाहता
हूँ
सरासर
आप
हूँ
मद्दे
मुक़ाबिल
ख़ुदी
ख़ुद
को
हराना
चाहता
हूँ
मेरे
हक़
में
उरूस-ए-शब
है
मक़्तल
सो
उस
से
लब
मिलाना
चाहता
हूँ
ये
आलम
है,
कि
अपने
ही
लहू
में
सरासर
डूब
जाना
चाहता
हूँ
सुना
है
तोड़ते
हो
दिल
सभों
का
सो
तुम
से
दिल
लगाना
चाहता
हूँ
उसी
बज़्म-ए-तरब
की
आरज़ू
है
वही
मंज़र
पुराना
चाहता
हूँ
नज़र
से
तीर
फैंको
हो,
सो
मैं
भी
जिगर
पर
तीर
खाना
चाहता
हूँ
चराग़ों
को
पयाम-ए-ख़ामुशी
दे
तेरे
नज़दीक
आना
चाहता
हूँ
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Kazim Rizvi
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कि
इक
ईंट
औ
गिर
गई
ज़िन्दगी
की
नए
साल
के
जश्न
में
डूबे
हैं
सब
Irshad Siddique "Shibu"
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ज़रा
मैं
भी
देखूँ
वो
दिल्ली
चीज़
है
क्या
दोस्त
जहाँ
पे
आ
के
मुझको
भूल
गए
Irshad Siddique "Shibu"
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प्यार
नहीं
पैसों
की
है
भूखी
दुनिया
सो
ये
'आशिक़
वाशिक़
छोड़
तू
पैसा
बन
Irshad Siddique "Shibu"
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साहब
हम
जिस
दिन
से
कमाने
लग
जाऍंगे
ये
चार
लोग
भी
पाॅंव
दबाने
लग
जाऍंगे
मेरी
ओर
ख़़ुदा-रा
यूँॅं
ना
देखा
कीजे
लोग
वगरना
बात
बनाने
लग
जाऍंगे
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Irshad Siddique "Shibu"
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तुम
इरशाद
मियाँ
ये
भूल
रहे
हो
इस
दुनिया
के
बाद
भी
इक
दुनिया
है
Irshad Siddique "Shibu"
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