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Shriyansh Qaabiz
kisi ka dil bahut raushan hua hai
kisi ka dil bahut raushan hua hai | किसी का दिल बहुत रौशन हुआ है
- Shriyansh Qaabiz
किसी
का
दिल
बहुत
रौशन
हुआ
है
किसी
के
दिल
में
जाले
लग
रहे
हैं
- Shriyansh Qaabiz
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इक
दिए
से
एक
कमरा
भी
बहुत
है
दिल
जलाने
से
ये
घर
रौशन
हुआ
है
Neeraj Neer
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ये
भँवरे
रौशनी
खो
देंगे
अपनी
आँखों
की
अगर
चमन
में
जो
कलियाँ
नक़ाब
ओढेंगी
Shajar Abbas
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अब
ऐसे
ज़ाविए
पर
लौ
रखी
जाने
लगी
है
चराग़ों
के
तले
भी
रोशनी
जाने
लगी
है
नया
पहलू
सलीक़े
से
बयाँ
करना
पड़ेगा
कहानी
अब
तवज्जोह
से
सुनी
जाने
लगी
है
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Khurram Afaq
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मुख़्तसर
होते
हुए
भी
ज़िन्दगी
बढ़
जाएगी
माँ
की
आँखें
चूम
लीजे
रौशनी
बढ़
जाएगी
Munawwar Rana
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हमारे
लोग
अगर
रास्ता
न
पाएँगे
शिलाएँ
जोड़
के
पानी
पे
पुल
बनाएँगे
फिर
एक
बार
मनेगी
अवध
में
दीवाली
फिर
एक
बार
सभी
रौशनी
में
आएँगे
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Amit Jha Rahi
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ये
करिश्मा
हुआ
चूमने
से
उसे
तीरगी
पर
खुली
रोशनी
की
समझ
Neeraj Neer
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रौशनी
आधी
इधर
आधी
उधर
इक
दिया
रक्खा
है
दीवारों
के
बीच
Obaidullah Aleem
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तारीकियों
को
आग
लगे
और
दिया
जले
ये
रात
बैन
करती
रहे
और
दिया
जले
उस
की
ज़बाँ
में
इतना
असर
है
कि
निस्फ़
शब
वो
रौशनी
की
बात
करे
और
दिया
जले
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Tehzeeb Hafi
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धूप
को
साया
ज़मीं
को
आसमाँ
करती
है
माँ
हाथ
रखकर
मेरे
सर
पर
सायबाँ
करती
है
माँ
मेरी
ख़्वाहिश
और
मेरी
ज़िद
उसके
क़दमों
पर
निसार
हाँ
की
गुंज़ाइश
न
हो
तो
फिर
भी
हाँ
करती
है
माँ
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Nawaz Deobandi
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जिस
किसी
से
तेरा
चक्कर
चल
रहा
था
उसको
मैं
अच्छी
तरह
से
जानता
था
रातें
रौशन
थी
किसी
की
तुझ
सेे
दिलबर
तो
किसी
का
तेरे
बा'इस
रत-जगा
था
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Dileep Kumar
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मिरे
किरदार
का
मरना
ही
शायद
कहानी
की
ज़रूरत
बन
गया
था
Shriyansh Qaabiz
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कितना
भी
ज़ोर
दूँ
मगर
आता
नहीं
है
याद
किसने
बताया
था
मुझे
के
खो
गया
हूँ
मैं
Shriyansh Qaabiz
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तुम्हारे
बाद
ये
हम
पर
खुला
है
तुम्हारी
याद
अब
आबो
हवा
है
अभी
से
ज़ीस्त
से
घबरा
गए
तुम
अभी
तो
एक
ही
ओवर
हुआ
है
गुज़रते
वक़्त
से
ये
कह
रहे
हम
गुज़र
जाने
में
ही
सबका
भला
है
हमारा
हाल
तो
जायज़
है
लेकिन
तुम्हारा
हाल
क्यूँ
ऐसा
हुआ
है
तुम्हारे
वास्ते
जो
ग़म
रहा
है
हमारे
वास्ते
वो
तजरबा
है
हम
ऐसे
तो
किसी
के
क्या
ही
होंगे
हम
ऐसों
का
तो
होना
हादसा
है
ये
आँखें
तो
कभी
ऐसी
नहीं
थी
मियाँ
छोड़ो
ये
ज़ाती
मसअला
है
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Shriyansh Qaabiz
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फ़क़त
हालत
हमारी
देख
कर
आँसू
बहाते
हो
अरे
बैठो
अभी
तुमको
कहानी
भी
सुनाते
हैं
Shriyansh Qaabiz
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मसरूफ़ियत
में
ही
मिली
आख़िर
ख़ुशी
हमें
फ़ुर्सत
मिली
तो
याद
फिर
आने
लगे
हैं
ग़म
Shriyansh Qaabiz
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