zindagi-bhar ko KHafaa rahna hai | ज़िंदगी-भर को ख़फ़ा रहना है

  - Ajay Kumar
ज़िंदगी-भरकोख़फ़ारहनाहै
यानीअबतेरेबिनारहनाहै
दोबरसबीतचुकेहैंतन्हा
कबतलकऔरजुदारहनाहै
इनउदासीभरीसबबातोंमें
आपकाज़िक्रसदारहनाहै
एकदिनख़्वाबमुकम्मलहोंगे
आपकोज़िदपेअड़ारहनाहै
कबकेहीगुज़रेबहारोंकेदिन
पेड़कोकितनाहरारहनाहै
शहरकेख़्वाबसजानेवाले
कहतेहैंगाँवमेंक्यारहनाहै
  - Ajay Kumar
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