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Heartlesssid321
teer dil men laga KHaak dil ho gaya
teer dil men laga KHaak dil ho gaya | तीर दिल में लगा ख़ाक दिल हो गया
- Heartlesssid321
तीर
दिल
में
लगा
ख़ाक
दिल
हो
गया
खाक
दिल
को
जला
आए
हम
फिर
तभी
- Heartlesssid321
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जितने
भी
हैं
ज़ख़्म
तुम्हारे
सिल
देगी
होटल
में
खाने
का
आधा
बिल
देगी
सीधे
मुँह
जो
बात
नहीं
करती
है
जो
तुमको
लगता
है
वो
लड़की
दिल
देगी
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Shadab Asghar
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सब
परिंदों
से
प्यार
लूँगा
मैं
पेड़
का
रूप
धार
लूँगा
मैं
तू
निशाने
पे
आ
भी
जाए
अगर
कौन
सा
तीर
मार
लूँगा
मैं
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Tehzeeb Hafi
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गीत
लिक्खे
भी
तो
ऐसे
के
सुनाएँ
न
गए
ज़ख़्म
यूँँ
लफ़्ज़ों
में
उतरे
के
दिखाएँ
न
गए
आज
तक
रक्खे
हैं
पछतावे
की
अलमारी
में
एक
दो
वादे
जो
दोनों
से
निभाएँ
न
गए
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Farhat Abbas Shah
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पुरानी
चाहत
के
ज़ख़्म
अब
तक
भरे
नहीं
हैं
और
एक
लड़की
पड़ी
है
पीछे
बड़े
जतन
से
Ashu Mishra
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किस
ने
हमारे
शहर
पे
मारी
है
रौशनी
हर
इक
मकाँ
के
ज़ख़्म
से
जारी
है
रौशनी
Nomaan Shauque
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कम
अज़
कम
इक
ज़माना
चाहता
हूँ
कि
तुम
को
भूल
जाना
चाहता
हूँ
ख़ुदारा
मुझ
को
तन्हा
छोड़
दीजे
मैं
खुल
कर
मुस्कुराना
चाहता
हूँ
सरासर
आप
हूँ
मद्दे
मुक़ाबिल
ख़ुदी
ख़ुद
को
हराना
चाहता
हूँ
मेरे
हक़
में
उरूस-ए-शब
है
मक़्तल
सो
उस
से
लब
मिलाना
चाहता
हूँ
ये
आलम
है,
कि
अपने
ही
लहू
में
सरासर
डूब
जाना
चाहता
हूँ
सुना
है
तोड़ते
हो
दिल
सभों
का
सो
तुम
से
दिल
लगाना
चाहता
हूँ
उसी
बज़्म-ए-तरब
की
आरज़ू
है
वही
मंज़र
पुराना
चाहता
हूँ
नज़र
से
तीर
फैंको
हो,
सो
मैं
भी
जिगर
पर
तीर
खाना
चाहता
हूँ
चराग़ों
को
पयाम-ए-ख़ामुशी
दे
तेरे
नज़दीक
आना
चाहता
हूँ
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Kazim Rizvi
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तेरे
लगाए
हुए
ज़ख़्म
क्यूँँ
नहीं
भरते
मेरे
लगाए
हुए
पेड़
सूख
जाते
हैं
Tehzeeb Hafi
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अक्सर
ही
ज़ख़्म
इश्क़
में
पाले
हैं
औरतें
पर
कितने
टूटे
मर्द
सँभाले
हैं
औरतें
Abhishar Geeta Shukla
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देखा
जो
खा
के
तीर
कमीं-गाह
की
तरफ़
अपने
ही
दोस्तों
से
मुलाक़ात
हो
गई
Hafeez Jalandhari
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हर
एक
सितम
पे
दाद
दी
हर
ज़ख़्म
पे
दु'आ
हमने
भी
दुश्मनों
को
सताया
बहुत
दिनों
Nawaz Deobandi
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तेरी
लगी
आदत
मुझे
सो
भी
नहीं
सकता
अभी
बैठे
हुए
अब
राह
में
खो
भी
नहीं
सकता
कभी
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Heartlesssid321
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मेरी
दवा
बन
साथ
था
मेरी
रज़ा
बन
खास
था
वो
जो
मेरा
था
अब
तलक
वो
जो
मेरा
अब
काश
था
Heartlesssid321
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ख़्वाब
में
ही
सही
पर
नई
बात
हो
चाय
पर
ही
सही
पर
मुलाक़ात
हो
Heartlesssid321
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लूट
कर
ले
गया
चैन
दिल
का
सभी
चीख
दिल
में
दबी
रह
गई
थी
तभी
Heartlesssid321
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टूट
कर
चाहते
थे
उसे
हम
कभी
टूट
कर
रह
गए
राह
में
हम
तभी
Heartlesssid321
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