समझचुकेहैंमोहब्बतकाशर,नहींकरते
येदर्दअबतोदिलोंपरअसरनहींकरते
हरएकबारख़ुदीपरहीतंज़करतेहैं,
हज़ारशिकवेहैंतुमसेे,मगरनहींकरते
किरायेदारहुएहैंवोअपनेघरकेही,
किदिलमेंरहतेहुएदिलकोघरनहींकरते
वोअपनेहालपेरोतेहैंग़मसेघिरतेवक़्त
जोदूसरोंकेग़मोकीक़दरनहींकरते
हमएकबारकोसामानछोड़आतेहैं,
बग़ैरमाँकीदु'आकेसफ़रनहींकरते