कहकहे,ख़्वाब,अरमान rakh deejie | कहकहे,ख़्वाब,अरमान रख दीजिए

  - Harshad B tiwari
कहकहे,ख़्वाब,अरमानरखदीजिए
दुखबनानेकासामानरखदीजिए
बर-तरफ़अपनाइमानरखदीजिए
होपाएतोमीज़ानरखदीजिए
हमग़ज़लगोभीहैंतोरिवायतकेहैं
तश्तरीमेंभीकुछपानरखदीजिए
मेराक़िस्साहैंइकनज़्मकीशक्लमें
इसकाउनवाँ,"बे-उन्वान"रखदीजिए
यकबदनसोगमेंमर्सियागारहा
मेरीआँखोंहीकानरखदीजिए
अबजोहैकोहकनकीतरहहैबदन
अबतोरस्तेमेंचट्टानरखदीजिए
नइरखेजारहेहाथपेहाथक्या
गुफ़्तगूकेहीदौरानरखदीजिए
ज़िक्रमेराकभीकीजिएदफ़अतन
और'रक़ीबोंकोहैरानरखदीजिए
संगहोताकोईआपकेकामका
येतोदिलहैमेरीजान,रखदीजिए
  - Harshad B tiwari
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