hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Govind kumar
chand lamhon ki nishaani likh rahen hai
chand lamhon ki nishaani likh rahen hai | चंद लम्हों की निशानी लिख रहें है
- Govind kumar
चंद
लम्हों
की
निशानी
लिख
रहें
है
आख़िरी
पल
पे
कहानी
लिख
रहें
है
- Govind kumar
Download Sher Image
चाँद
सा
मिस्रा
अकेला
है
मिरे
काग़ज़
पर
छत
पे
आ
जाओ
मिरा
शे'र
मुकम्मल
कर
दो
Bashir Badr
Send
Download Image
75 Likes
अमीर-ए-शहर
का
रिश्ते
में
कोई
कुछ
नहीं
लगता
ग़रीबी
चाँद
को
भी
अपना
मामा
मान
लेती
है
Munawwar Rana
Send
Download Image
37 Likes
यूँँ
न
कर
वस्ल
के
लम्हों
को
हवस
से
ता'बीर
चंद
पत्ते
ही
तो
तोड़े
हैं
शजर
से
मैं
ने
Khurram Afaq
Send
Download Image
27 Likes
चाँद
का
फिर
मेरा
रस्ता
देखती
आँखें
तुम्हारी
आज
करवाचौथ
के
दिन
काश
हम
तुम
साथ
होते
Gaurav Singh
Send
Download Image
4 Likes
चाँद
भी
हैरान
दरिया
भी
परेशानी
में
है
अक्स
किस
का
है
कि
इतनी
रौशनी
पानी
में
है
Farhat Ehsaas
Send
Download Image
40 Likes
चाँद
को
दूरबीन
से
देखूँ
शाइरों
का
ये
काम
थोड़ी
है
Saarthi Baidyanath
Send
Download Image
4 Likes
अगर
हुकूमत
तुम्हारी
तस्वीर
छाप
दे
नोट
पर
मेरी
दोस्त
तो
देखना
तुम
कि
लोग
बिल्कुल
फिजूलखर्ची
नहीं
करेंगे
हमारे
चंद
अच्छे
दोस्तों
ने
ये
वा'दा
ख़ुद
से
किया
हुआ
है
कि
शक्ल
अल्लाह
ने
अच्छी
दी
है
सो
बातें
अच्छी
नहीं
करेंगे
Read Full
Rehman Faris
Send
Download Image
58 Likes
चंद
कलियाँ
नशात
की
चुन
कर
मुद्दतों
महव-ए-यास
रहता
हूँ
तेरा
मिलना
ख़ुशी
की
बात
सही
तुझ
से
मिल
कर
उदास
रहता
हूँ
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
49 Likes
यूँँ
तो
तेरे
सँवरने
पर
कोई
बंदिश
नहीं
है
जाँ
मगर
उस
चाँद
की
तौहीन
करना
ठीक
थोड़ी
है
Harsh saxena
Send
Download Image
9 Likes
ये
शफ़क़
चाँद
सितारे
नहीं
अच्छे
लगते
तुम
नहीं
हो
तो
नज़ारे
नहीं
अच्छे
लगते
Indira Varma
Send
Download Image
40 Likes
Read More
क्या
सफ़र
की
ख़ूब
याँ
शुरुआत
होती
है
और
आख़िर
में
यहाँ
बस
मात
होती
है
Govind kumar
Send
Download Image
1 Like
जाँ
जाती
है
दिल
दुखता
है
जब
तुम
सेे
कोई
मिलता
है
मत
कर
अपना
पागल
मुझको
इस
पागल
से
घर
चलता
है
अच्छा
भी
हो
सस्ता
भी
हो
ऐसा
दिल
अब
कम
मिलता
है
तू
ना
कर
अब
वा'दा
हम
सेें
इन
वादों
से
डर
लगता
है
सुन
ओ
दिल
ले
जाने
वाले
तू
मुझको
क़ातिल
लगता
है
अच्छा
ख़ासा
लड़का
है
वो
जाने
सबको
क्यूँ
खलता
है
आ
सकती
हो
अब
भी
वापस
सबको
मौक़ा'
कब
मिलता
है
Read Full
Govind kumar
Download Image
2 Likes
पास
आए
जाँ
जलाई
फिर
रुला
के
चल
दिए
जाते
जाते
आप
फिर
से
मुस्कुरा
के
चल
दिए
Govind kumar
Send
Download Image
2 Likes
मेरे
ज़ख़्मों
की
भरपाई
कौन
करेगा
तू
रूठा
तो
यार
लड़ाई
कौन
करेगा
Govind kumar
Send
Download Image
2 Likes
ख़ुश
हैं
हम
तू
बताके
गया
ग़म
नहीं
ये,
रुलाक़े
गया
करता
था
प्यारी
बातें
बहुत
मेरा
शक़
आजमाके
गया
क्यूँ
किए
वादे
इतने
बता?
वा'दा
इक
ना
निभाके
गया
ज़िस्म
को
कैदकर
ख़ुश
नहीं?
रूह
तक
जो
दुखा
के
गया
आँख
थी
कच्चा
बर्तन
वही
दिल
जहाँ
ज़ख़्म
छुपाके
गया
ख़्वाब
में,
तेरे
हम
तू
मेरा
ख़्वाब
ये
भी
सताके
गया
मैने
जब
भी
उसे
सोचा,
वो
याद
हिचकी
में
आके
गया
Read Full
Govind kumar
Download Image
1 Like
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Romantic Shayari
Chai Shayari
Doctor Shayari
Mashwara Shayari
Intezaar Shayari