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Gaurav Singh
yuñ hi hamaara silsila chaltaa rahe majeed
yuñ hi hamaara silsila chaltaa rahe majeed | यूँँ ही हमारा सिलसिला चलता रहे मजीद
- Gaurav Singh
यूँँ
ही
हमारा
सिलसिला
चलता
रहे
मजीद
यूँँ
ही
हमारे
दरमियाँ
दूरी
बनी
रहे
- Gaurav Singh
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एक
अरसे
तक
अकेले
हम
चले
फिर
हमारा
नाम
चलने
लग
गया
Tanoj Dadhich
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इक
तेरा
हिज्र
दाइमी
है
मुझे
वर्ना
हर
चीज़
आरज़ी
है
मुझे
Tehzeeb Hafi
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कभी
न
लौट
के
आया
वो
शख़्स,
कहता
था
ज़रा
सा
हिज्र
है
बस
सरसरी
बिछड़ना
है
Subhan Asad
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कोई
समुंदर,
कोई
नदी
होती
कोई
दरिया
होता
हम
जितने
प्यासे
थे
हमारा
एक
गिलास
से
क्या
होता
ताने
देने
से
और
हम
पे
शक
करने
से
बेहतर
था
गले
लगा
के
तुमने
हिजरत
का
दुख
बाट
लिया
होता
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Tehzeeb Hafi
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हिज्र
में
तुमने
केवल
बाल
बिगाड़े
हैं
हमने
जाने
कितने
साल
बिगाड़े
हैं
Anand Raj Singh
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इस
से
पहले
कि
ज़मीं-ज़ाद
शरारत
कर
जाएँ
हम
सितारों
ने
ये
सोचा
है
कि
हिजरत
कर
जाएँ
दौलत-ए-ख़्वाब
हमारे
जो
किसी
काम
न
आई
अब
किसी
को
नहीं
मिलने
की
वसिय्यत
कर
जाएँ
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Idris Babar
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दबी
कुचली
हुई
सब
ख़्वाहिशों
के
सर
निकल
आए
ज़रा
पैसा
हुआ
तो
च्यूँँटियों
के
पर
निकल
आए
अभी
उड़ते
नहीं
तो
फ़ाख़्ता
के
साथ
हैं
बच्चे
अकेला
छोड़
देंगे
माँ
को
जिस
दिन
पर
निकल
आए
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Mehshar Afridi
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सुब्ह
तक
हिज्र
में
क्या
जानिए
क्या
होता
है
शाम
ही
से
मिरे
क़ाबू
में
नहीं
दिल
मेरा
Jigar Moradabadi
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सर
झुकाओगे
तो
पत्थर
देवता
हो
जाएगा
इतना
मत
चाहो
उसे
वो
बे-वफ़ा
हो
जाएगा
Bashir Badr
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दूरी
हुई
तो
उन
सेे
क़रीब
और
हम
हुए
ये
कैसे
फ़ासले
थे
जो
बढ़ने
से
कम
हुए
Waseem Barelvi
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तुम्हारा
पहलू
तुम्हारी
मर्ज़ी
जिसे
भी
चाहो
बिठाओ
इस
में
मगर
मेरी
जाँ
हमारे
दिल
का
हुआ
तमाशा
तो
याद
रखना
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Gaurav Singh
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दर्द
कभी
भी
ख़त्म
नहीं
होता
केवल
मर
जाने
से
दर्द
बदल
लेता
है
घर
Gaurav Singh
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जान
रहे
थे
भीष्म
तभी
तो
चिंतित
थे
जिसके
ख़े
में
में
कान्हा
हो,
जीतेगा
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Gaurav Singh
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फ़क़त
ये
आज
का
मसला
नहीं
है
भूख
का
जानी
कई
पुस्तें
हमारी
ऐसी
भूखे
ही
मरी
होंगी
Gaurav Singh
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ऐसा
हो
कोई
शख़्स
जिसे
मैं
कहूँ
सलाम
तो
मुड़
के
वो
भी
मुझ
सेे
कहे
आप
ठीक
हैं
Gaurav Singh
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