दर-ब-दरमैंसुकूँकीतलबमेंफिरा
औरसोचाकिशायदहोजंगल,सुकून
हाथरखशानेपे,कुछदिलासाभीदे
इससेेमुमकिनहैआजाएकुछपलसुकून
रातयेकौनआकरमुझेकहगया
ध्यानसेसुन,मिलेगातुझेकलसुकून
बोलकरझूठवोटालताहैमुझे
मुझकोकरदेनाआख़िरयेपागल,सुकून
शानो-शौक़तसेरहताथावो,औरअब
माँगताहैकिमिलजाएदोपलसुकून
ज़ेरेनिगरानीबच्चेबड़ेहोतेजब
तोरहेवालिदैंकोभीहरपलसुकून
जिसभीऔक़ाततूमेरीबाहोंमेंहो
मैंकहूँइसकोहीतोमुक़म्मलसुकून
मुन्तज़िरआजतकहूँकीदीदारहो
होपिया-दीदतोआएफ़ैसल,सुकून